- जांच में हुआ खुलासा, महिला एवं बाल कल्याण समिति ने फैक्टरी के मालिक को भेजा नोटिस
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिले में फैक्टरियों में काम करने वाले श्रमिकों का ठेकेदारों के पास रिकॉर्ड नहीं है। हाल ही में बाल कल्याण समिति ने एक फैक्टरी की जांच की तो ठेकेदार और फैक्टरी मालिक श्रमिकों का कोई रिकॉर्ड नहीं दे पाए। इसके बाद समिति ने फैक्टरी में मालिक को नोटिस जारी कर श्रमिकों का रिकॉर्ड तलब किया है। साथ ही श्रम विभाग को पत्र लिखकर मामले का संज्ञान लेने और सभी श्रमिकों का सत्यापन कराने की मांग की है।
पानीपत जिला औद्योगिक नगरी के रूप में अपनी पहचान रखता है। जिले में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल के श्रमिक बड़ी संख्या में काम करते हैं। ज्यादातर श्रमिक ठेकेदार के माध्यम से पानीपत पहुंचते हैं और यहां रहकर काम करते हैं। सोमवार को बाल कल्याण समिति को श्रमिकों के बच्चों को बंधक बनाने की सूचना मिली थी। जिसके बाद समिति के सदस्य बलाना गांव के पास स्थित फैक्टरी में पहुंचे थे। उन्होंने फैक्टरी में काम करने वाले श्रमिकों का रिकॉर्ड मांगा तो ठेकेदार ने एक रजिस्टर समिति को सौंपा लेकिन रजिस्टर में न तो किसी श्रमिक का आधार कॉर्ड और न ही मूल पते का जिक्र था। जिसके बाद समिति ने फैक्टरी के मालिक और ठेकेदार को नोटिस जारी कर श्रमिकों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।
समिति के सदस्य डॉ. मुकेश आर्य ने बताया कि ज्यादातर फैक्टरी का यही हाल है। ठेकेदार श्रमिकों की संख्या का रिकॉर्ड रखते हैं। श्रमिकों की व्यक्तिगत जानकारी उनके पास नहीं होती। जिस कारण कई बार संदिग्ध व्यक्ति भी श्रमिकों के बीच रहता है जिससे आपराधिक वारदात का खतरा बना रहता है। बाल कल्याण समिति ने श्रम विभाग को भी इस संबंध में पत्र लिखा है जिसमें फैक्टरियों में काम करने वाले श्रमिकों का सत्यापन कराने और ठेकेदारों को श्रमिकों का रिकॉर्ड रखने के निर्देश देने की मांग की है।
फैक्टरियों में बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक काम करते हैं। जिनमें महिला श्रमिक भी शामिल हैं। ऐसे में हर श्रमिक का रिकॉर्ड ठेकेदार और फैक्टरी के पास होना चाहिए। इसके लिए श्रम विभाग को पत्र लिखाकर श्रमिकों का सत्यापन कराने की मांग की गई है।
-पदमा रानी, चेयरपर्सन, महिला एवं बाल कल्याण समिति