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सुनीता को पहले ही था हमले का अंदेशा!

Sun, 10 Nov 2013 11:08 PM IST
पानीपत
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जिमखाना क्लब के ठेकेदार की गोली का शिकार हुई सुनीता को अपनी मौत का पहले ही डर सता रहा था। उसने ठेकेदार से खुद के साथ अपने परिवार को बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन वह बावजूद उसके उसकी गोली की शिकार हो गई।
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सुनीता के परिजनों ने बताया कि वह कई दिन से परेशान चल रही थी और भैया दूज पर अपने मामा के यहां चली गई थी।

वह अपने साथ अपने पति सुरेंद्र और दोनों बच्चों अनुज और अनु को साथ ले गई थी। उसको डर था कि बलवान उस या उसे परिवार के किसी सदस्य पर हमला कर सकता है।

इसके दूसरे दिन ही ठेकेदार बलवान अपने मित्र प्रदीप और एक महिला के साथ सनौली खुर्द उसके मामा के घर पहुंच गया। उसके मामा का कहना है कि यहां पर तीनों ने सुनीता व उसके परिवार को पूरी सुरक्षा देने की गारंटी ली।

इसके बाद सुनीता, दोनों बच्चों अनुज और अनु को बलवान के साथ गाड़ी में लेकर आ गई। यहां  से जाने के अगले दिन ही बलवान का दोस्त प्रदीप सुनीता को दवा दिलाने के नाम पर एकता विहार कालोनी स्थित मकान से अपने साथ ले गया।  
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वहीं, बलवान की आत्महत्या मामले में उसके परिजन कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका पूरा ध्यान बलवान की
पत्नी निर्मल पर है। जो एक निजी अस्पताल में गोली लगने के बाद उपचाराधीन है।

यह है मामला
गौरतलब है कि सिवाह निवासी और जिमखाना क्लब के एक ठेकेदार ने शुक्रवार को एक महिला और अपनी पत्नी को गोली मारने के बाद खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी।

हमले में महिला और ठेकेदार की मौत हो गई थी, जबकि  ठेकेदार की पत्नी घायल हो गई थी, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है।


महिला और पुरुष पर जताया शक
सुनीता के मामा विजय का शक है कि उसकी हत्या में बलवान के साथ उसके दोस्त प्रदीप और एक महिला का हाथ हो सकता है। उन्होंने बताया कि सुनीता के माल के अलावा कई जगह बलवान के साथ पार्किंग में ठेके थे।

उसके मामा ने बताया कि बलवान के कहने पर सुनीता ने अपना 22 लाख रुपये का प्लॉट बेच दिया। भी बलवान उसे तंग करता था। उन्होंने कहा कि वे सुनीता के दोनों बच्चों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।
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