पानीपत। बढ़ी उमस के बीच बिजली की खपत एकाएक बढ़ गई है। अब करीब 1.40 करोड़ यूनिट बिजली की खपत रोज हो रही है। जुलाई में बिजली की खपत 1.20 करोड़ यूनिट प्रतिदिन हो रही थी। एकाएक बिजली खपत बढ़ने पर ट्रांसफार्मर ओवरहीट हो रहे हैं। जिले में घोषित के साथ अघोषित कट भी लग रहे हैं। पॉश एरिया में ट्रांसफार्मर ओवरहीट होने से सबसे ज्यादा परेशानी होती है। इसका बड़ा कारण पंखे और कूलर के साथ एसी चलना और धान के सीजन में बिजली की मांग बढ़ना है। बिजली निगम ने भी उमस में खपत बढ़ने पर अघोषित कट लगने पर लाचारी दिखाई है।
शनिवार को दिन में अधिकतम तापमान में एक डिग्री बढ़ोतरी दर्ज की गई। तापमान 34 डिग्री दर्ज किया गया। लोगों के घरों में बिजली उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ा तो शहर में ओवरहीटिंग और ओवरलोडिंग के कारण जगह-जगह बिजली के अघोषित कट भी लगे। बिजली निगम के मुताबिक पिछले एक सप्ताह में शहर में बिजली खपत में लगभग 20 हजार यूनिट अधिक खपत हो रही है। पहले 1.20 करोड़ यूनिट के करीब बिजली खर्च होती थी। शुक्रवार को 1.41 करोड़ यूनिट बिजली खर्च हुई। शहर में लग रहे अघोषित कटों के कारण रोजाना बिजली सुविधा केंद्र के हेल्पलाइन नंबर पर दो हजार से अधिक शिकायतें व पूछताछ संबंधी कॉल आ रही हैं। बिजलीकर्मियों का कहना है कि शिकायत मिलते ही मौके पर संबंधित इलाके की टीम का नंबर उपलब्ध कराया जाता है व टीम को सूचित कर दिया जाता है।
तहसील कैंप निवासी रस्टिन ने बताया कि बिजली निगम सुचारु रूप से बिजली सप्लाई होने का दावा करता है। जबकि रोजाना दिन में पांच से सात बार बिजली आपूर्ति बंद हो जाती है। अघोषित कटों से परेशान होकर लोग हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत देने के लिए कॉल करते हैं, लेकिन कई बार नंबर व्यस्त मिलता है। शिकायत दर्ज कराने में ही 20 से 25 मिनट का समय लग जाता है। अधिकारियों को व्यवस्था सुधारनी चाहिए।
बिजली आपूर्ति सुचारु करने के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। कहीं भी फाल्ट आने की सूचना मिलती है तो टीम तुरंत मौके पर पहुंचती है। अगर किसी उपभोक्ता को हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने में परेशानी होती है तो उपभोक्ता डिवीजन के कर्मचारियों को सूचित कर अपनी समस्या बता सकते हैं।
- धर्मबीर छिक्कारा, अधीक्षण अभियंता, पानीपत सर्कल।