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परमात्मा से जुड़ाव ही जीवन का सच्चा आनंद : पंडित बृजकिशोर शास्त्री

Sat, 06 Jun 2026 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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कथा सुनाते पं​डित बृजकिशोर शास्त्री। स्रोत : सभा - फोटो : 1
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पानीपत। संसार के सभी भौतिक सुख एक ओर हैं और भगवान के चरणों में अनुराग तथा सत्संग का आनंद एक ओर। मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल सांसारिक सुख-सुविधाएं प्राप्त करना नहीं, बल्कि परमात्मा से जुड़कर आत्मिक शांति और आनंद प्राप्त करना है।
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ये विचार कथा वाचक पंडित बृजकिशोर शास्त्री ने शुक्रवार को मॉडल टाउन स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर सभा में आयोजित पुरुषोत्तम मास (मलमास) कथा के 20वें दिन व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि अनजाने में या अहंकारवश इस पवित्र मास का निरादर करने से जीवन में कष्ट आते हैं और जब जीव भगवान पुरुषोत्तम की शरण में आता है तो उसके सारे संकट कट जाते हैं।
कथा वाचक ने कहा कि ठाकुरजी को छप्पन भोग नहीं, भक्त का भाव प्यारा है। अगर मन में ईर्ष्या और नफरत है, तो गंगा स्नान या बड़े-बड़े अनुष्ठान भी व्यर्थ हैं। सच्चा वैष्णव वही है जो दूसरों के दुख को समझे। उन्होंने कहा कि जैसे गंदे पानी को शांत छोड़ देने पर मिट्टी अपने आप नीचे बैठ जाती है और पानी साफ हो जाता है। वैसे ही जब इंसान संसार की चकाचौंध से हटकर कुछ देर भगवान की कथा में शांत बैठता है, तो उसके मन का मैल (क्रोध, लोभ, मोह) अपने आप नीचे बैठ जाता है और बुद्धि निर्मल हो जाती है।
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मंदिर सभा के प्रधान तरुण गांधी ने कहा कि पुरुषोत्तम मास तीन साल में एक बार आता है और इस बार मंदिर सभा का केवल एक ही लक्ष्य है कि समाज का कोई भी परिवार इस पुण्य लाभ से वंचित न रह जाए। समापन पर आरती कर सभी को प्रसाद वितरित किया गया।
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कथा सुनाते पंडित बृजकिशोर शास्त्री। स्रोत : सभा- फोटो : 1

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