ग्रैप का दूसरा चरण लागू:
निर्माण कार्याें व तंदूर पर रोक, सड़कों पर करना होगा छिड़काव
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दिल्ली-एनसीआर में किया ग्रैप का दूसरा चरण लागू
- नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, एनएचएआई व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की जिम्मेदारी की गई तय
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। दिल्ली की खराब होती आबोहवा को देखते हुए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रविवार को ग्रैप का दूसरा चरण लागू कर दिया है। दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 पार है। अब स्कूल व अस्पतालों को छोड़कर किसी भी स्थान पर डीजल के जेनरेटर इस्तेमाल नहीं होंगे। तंदूर व भवन निर्माण कार्याें पर सीपीसीबी के अगले निर्देशों तक रोक रहेगी। प्रदूषण फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी। सोमवार से सीपीसीबी के निर्देशों पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें फैक्टरियों का निरीक्षण करेंगी। बॉयलर व जेनरेटर सेट की जांच की जाएगी। जेनरेटर चलते मिलने पर उन्हें सील किया जाएगा।
पर्यावरण को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी व एनएचएआई की रहेगी। रविवार को पानीपत का एयर क्वालिटी इंडेक्स 150 से अधिक येलो जोन में रहा है। शनिवार को 91 अंक पर ग्रीन जोन में था। गिरते ताममान व हवा के दबाव के कारण एक्यूआई बढ़ना शुरू हो चुका है।
ग्रैप के दूसरे चरण के अनुसार नगर निगम को शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव करना होगा। सड़कों से वैक्यूम से रेत को उठाना होगा। पेड़ पौधों पर पानी का छिड़काव करना होगा। पीडब्ल्यूडी को स्टेट हाईवे व एनएचएआई को नेशनल हाईवे पर पानी का छिड़काव करना है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को प्रदूषण के कारकों का निरीक्षण कर उन पर कार्रवाई करनी है। प्रतिदिन की रिपोर्ट डीसी के माध्यम से एचएसपीसीबी के चेयरमैन व केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भेजनी होगी। एचएसपीसीबी इसमें उद्यमियों का सहयोग भी लेगा।
ग्रैप- 2 के तहत ये निर्देश किए गए जारी
-सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए पार्किंग शुल्क बढ़ाया जाएगा।
-सड़कों पर लगातार पानी का छिड़काव किया जाएगा ।
-होटल रेस्टोरेंट में तंदूर में कोयले और लकड़ी जलाने पर भी पाबंदी रहेगी
- चिह्नित हॉट स्पॉट पर प्रदूषण फैलाने पर कार्रवाई हो सकती है
- अस्पताल व स्कूलों के अलावा बाकी जगह पर डीजल से चलने वाले जनरेटर पर भी सक्त पाबंदी रहेगी।
- प्रदूषण के स्रोत और उनके रोकथाम के लिए जितने निर्माण स्थल है उनका निरीक्षण किया जाएगा और प्रदूषण फैलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
- आम लोगों से आग्रह किया गया है कि वह नागरिक चार्ट का पालन करें और ग्रेप उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने में अपना योगदान दें।
- पब्लिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करें
- कम भीड़ वाला रास्ता चुने भले ही वह थोड़ा लंबा क्यों ना हो
- अपनी गाड़ियों का लगातार एयर फिल्टर बदलें और एयर इंडेक्स मीटर को चेक करते रहें
- नवंबर से लेकर जनवरी के महीने में धूल पैदा करने वाली निर्माण गतिविधियों को रोकें और बायोमास और सॉलिड वेस्ट को खुले में जलाने से बचे।
कब कौन सा चरण किया जाता है लागू-
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता के आधार पर ग्रैप को चार चरणों में बांटा गया है। पहला चरण एक्यूआई 201-300 के बीच होने पर लागू किया जाता है। दूसरा चरण 301-400 के बीच एक्यूआई होने पर , तीसरा चरण 401-450 (गंभीर) एक्यूआई होने पर और चौथा चरण 450 से ज्यादा एक्यूआई (गंभीर से भी ज्यादा) होने पर लागू किया जाता है।
ग्रैप का दूसरा चरण लागू सख्ती करेंगे : एसडीओ
ग्रैप का दूसरा चरण लागू हो गया है। चरण के अनुसार होने वाली कार्रवाई की जाएगी। इसमें आमजन का सहयोग भी जरूरी है। प्रदूषण के कारणों का निरीक्षण होगा। जहां नियमों का उल्लंघन मिला उन पर निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।
-प्रदीप कुमार, एसडीओ, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।