पानीपत। लोससभा चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग ने आचार संहिता को कायम रखने के लिए जनहित में सिविजल एप्लीकेशन का लोगों का सहारा दिया था। ताकि अगर कहीं आचार संहिता का उल्लंघन हो रहा हो तो लोग इस पर फोटो, वीडियो या शिकायत लिखकर भेज सके और शिकायत पर जिला प्रशासन तुंरत प्रभाव से कार्रवाई कर सके। चुनाव के दौरान अधिकारियों के पास सिविजल एप पर करीब 34 शिकायतें आई। इनमें से ज्यादातर ऐसी बेतुकी शिकायतें थी कि उन्हें देखकर अधिकारी भी परेशान हो गए।
इनमें लोग अपनी सेल्फी लेकर उसके साथ सिर्फ हाय, हेल्लो का मैसेज लिखकर अधिकारियों को भेज रहे थे। वहीं, जाटल रोड स्थित महावीर कॉलोनी में राजनीतिक दलों की ओर से शराब बांटने की भी शिकायत सिविजल पर आई। बूथ के 200 मीटर दायरे में चुनाव को लेकर राजनीतिक दलाें द्वारा बस्ता लिए बैठे थे। ओल्ड इंडस्टि्रयल एरिया की धींगड़ा एक्सपोर्ट में काम कर रहे कर्मचारियों की शिकायत भी जिला प्रशासन के पास सिविजल के माध्यम से पहुंची। वहीं, इसराना से चुनाव पर्ची पर प्रत्याशी और चुनाव चिह्न प्रकाशित होने की शिकायत भी सिविजल पर भेजी गई। जिसे प्रशासन ने तुंरत प्रभाव से कार्रवाई करते हुए बंद कराया। वहीं, बेतुकी शिकायतों पर अधिकारी ये सोचते रहे कि ऐसे लोगों को क्या करें। उनको फोन किए गए तो जवाब मिला कि उनकी वोट नहीं हैं। वे तो वोट बनवाने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे थे।
संविधान चौक स्थित सरकारी स्कूल के बूथ नंबर 48 पर पुराने शहर के 100 से ज्यादा लोग बिना वोट डाले वापस लौटे। अकेली महाजन वाली गली के करीब 30 लोगों के वोट ही नहीं मिले। दाजू छाेले वाली गली के आठ वोट भी इसी बूथ के थे जिनको बिना वोट किए जाना पड़ा। वोटिंग एजेंट पिंटू ने बताया कि सैकड़ों लोगों की वोट कटने की शिकायतें सामने आई। ये हाल केवल उनके बूथ का था। अब उनके वोटिंग सेंटर के चारों बूथ और शहर के सभी बूथों का क्या हाल हुआ होगा ये कहना मुश्किल है।