पानीपत। जिला उपभोक्ता आयोग ने खराब इंटरनेट सेवा देने के लिए एक्साइटल ब्रॉडबैंड कंपनी को दोषी माना है। आयोग ने कंपनी को उपभोक्ता से जमा कराई गई पांच हजार रुपये की सिक्योरिटी और पांच हजार रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं।
शिकायतकर्ता बलबीर सिंह ने आयोग में याचिका दाखिल कर बताया था कि उसने मार्च 2024 में एक्साइटल ब्रॉडबैंड कंपनी से कनेक्शन लिया था। इसके लिए पांच हजार रुपये फोन-पे से जमा कराए थे। कंपनी ने उन्हें 3,538 रुपये की रसीद दी थी। कनेक्शन लगने के बाद से ही इंटरनेट सेवा लगातार बाधित रही। कभी दो-तीन दिन तक इंटरनेट बंद रहता, तो कभी मुश्किल से एक दिन चलने के बाद फिर सेवा ठप हो जाती। आयोग ने मामले की सुनवाई की। आयोग के चेयरमैन डॉ. आरके डोगरा और सदस्य विनीत कौशिक ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया। आयोग ने कंपनी को सिक्योरिटी के रूप में लिए पांच हजार रुपये व पांच हजार रुपये का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। 45 दिन में भुगतान नहीं होने पर नौ प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करना होगा। ब्यूरो