शहर का आवासीय क्षेत्र दिनोंदिन व्यावसायिक रूप लेता जा रहा है। शहर में जो कालोनियां लोगों के रहने के लिए बनाई गई हैं, वहां पर धड़ल्ले से मल्टीपर्पज मॉल, ब्यूटी पार्लर, मिष्ठान भंडार आदि व्यावयायिक गतिविधियां चल रही हैं।
इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निगम को भी प्रति वर्ष करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। निगम अधिकारी इतना होने के बाद भी चुप्पी साधे बैठे हैं।
शहर की आवासीय कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियों जोरों पर चल रही हैं। लोग अपने रिहायशी क्षेत्र को बिना नक्शा पास कराए ही व्यावसायिक कार्य के लिए उपयोग में ले रहे हैं।
कुछ लोग अपने मकानों को ढहाकर वहां पर ब्यूटी पार्लर एवं मल्टीपर्पज मॉल खोल रहे हैं। इससे निगम को हर वर्ष करोड़ों रुपये की चपत लग रही है। ऐसा ही नजारा नगर निगम की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स में छूट के दौरान देखने को मिला। लोगों ने घरों में दुकानें बनाई हुई थी। इस कारण उन्हें अधिक प्रॉपर्टी टैक्स का बिल भेजा गया था। लेकिन बाद में लोगों ने दुकानों के शटर की जगह दरवाजे खड़े कर दिए। बाद में टैक्स कम करने के लिए एप्लीकेशन भी दी।
लोकायुक्त भी चार अधिकारियों को मान चुके हैं दोषी
आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक प्रयोग करने के चलते लोकायुक्त भी चार अधिकारियों को दोषी मान चुके हैं। बावजूद इसके कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। निगम की ओर से खानापूर्ति के लिए कार्रवाई कर दी जाती है। ठोस कार्रवाई न होने के कारण धड़ल्ले से व्यावसायिक प्रयोग बढ़ रहा है।
मॉडल टाउन क्षेत्र में करीब 300 मल्टीपर्पज मॉल
बताया जा रहा है कि मॉडल शहर का सबसे पॉश एरिया में से एक है। जहां करीब तीन सौ मल्टीपर्पज मॉल खुले हुए हैं। बावजूद इसके नगर निगम जानबूझ कर अनदेखी बरत रहा है। इसे देखे अन्य कॉलोनियों में भी व्यावसायिक प्रयोग धड़ल्ले से हो रहा है।
यह है टैक्स में अंतर
निगम की आवासीय और व्यावसायिक टैक्स की दरों में काफी अंतर है। शहर में 400 गज की आवासीय प्रॉपर्टी का सालाना हाउस टैक्स 1600 रुपये बनता है। जबकि व्यावसायिक प्रॉपर्टी पर यह टैक्स 4800 रुपये बनता है। इससे नक्शा पास कराने में आने वाले राजस्व का निगम को नुकसान होता है। वहीं प्रॉपर्टी टैक्स भी कम आता है।
यह है शहर की प्रॉपर्टी डिटेल
प्रॉपटी संख्या
रेजीडेंशियल 73000
कॉमर्शियल 14000
इंडस्ट्रीयल 5500
मिश्रित 4500
इंस्टीट्यूशनल 250
सरकारी बिल्डिंग120
ये है हाउस टैक्स की दर
आवासीय प्रॉपर्टी पर टैक्स क्षेत्रफल :
आवासीय प्रापर्टी पर टैक्स की दर
प्रति वर्गगज रुपए/पैसे में
0-300 तक 0.75 पैसे
301-500 तक 4.0 रुपये
501-1000 तक 6.0 रुपये
1001-2 एकड़ तक 0.0 रुपये
व्यावसायिक प्रॉपर्टी क्षेत्रफल :
आवासीय प्रापर्टी पर टैक्स की दर
प्रति वर्गगज{{ रुपए/पैसे में
0-1000 तक 12.0 रुपये
1000-5000 तक 15.0 रुपये
5000 से ऊपर 24.0 रुपये
संस्थागत प्रॉपर्टी क्षेत्रफल
आवासीय प्रापर्टी पर टैक्स की दर
प्रति वर्गगज रुपए/पैसे में
0-1500 तक 12.0 रुपये
1500-5000 तक 18.0 रुपये
5000 से ऊपर 24.0 रुपये
वर्जन
अगर कोई आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक प्रयोग करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जल्द ही एक टीम गठित की जाएगी। आसासीय क्षेत्र में व्यावसायिक प्रयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाएगा।
अश्वनी मैंगी, संयुक्त आयुक्त नगर निगम, पानीपत।