पानीपत। अक्षय तृतीया बुधवार को है। मान्यता है कि इस दिन दान, पुण्य, पूजन और कोई भी कार्य अक्षय फल देने वाला होता है। इस बार अक्षय तृतीया पर बुध और रोहिणी नक्षत्र का शुभ संयोग है। 17 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है। इसके बाद 27 साल बाद यह संंयोग बनेगा।
मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु के पूजने के इस दिन शादी और खरीदारी भी विशेष मानी जाती है। अबूझ मुहूर्त में जिले में सैकड़ों शादी हैं। कई बैंक्वेट हाल संचालकाें के पास एक दिन में दो-दो बुकिंग हैं।
इनमें एक दिन तो दूसरी शाम की कराई जा रही हैं। इसके लिए संचालक तो तैयार हैं लेकिन सड़क यातायात के लिए यातायात पुलिस या फिर नगर निगम इतना तैयार नहीं है। ऐसे में बैंक्वेट हाल के बाहर शाम के समय जाम की स्थिति पैदा हो सकती है। खासकर सेक्टर-29 बाईपास सड़क पर समस्या गंभीर हो सकती है। वहीं करीब 650 गाड़ियों की बुकिंग इस दिन के लिए की गई हैं। वहीं सोने की भी खरीदारी का विशेष महत्व है। प्राचीन सिद्ध देवी मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य लालमणि पांडेय ने बताया कि क्षय का अर्थ होता है जिसका कभी नाश न हो। इसी दिन से त्रेता युग का आरंभ हुआ था।
साल में एक बार वृंदावन में बिहारी के दर्शन होते हैं तो वे अक्षय तृतीया के दिन ही होते हैं। अक्षय तृतीया मंगलवार को शाम 5:32 पर शुरू हो गई और यह बुधवार को 2:13 तक रहेगी। इस समय में दान, यज्ञ, गंगा-यमुना स्नान, प्रभु का चिंतन करना, धार्मिक पुस्तकों का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी व मां पार्वती की पूजा-अर्चना करना भी फलदायी सिद्ध होता है।
इस दिन सोना-चांदी की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। सेक्टर-12 एंजल मॉल स्थित ओबेरॉय ज्वेल्स के संचालक राज ओबेरॉय बताया कि सोना प्रति तोले 92500 रुपये के करीब चल रहा है। चांदी भी करीब एक लाख रुपये प्रति किलोग्राम चल रही है। लोग अपने सामर्थ्य अनुसार सोने-चांदी के आभूषण खरीद रहे हैं। सोने का वजन कम कराकर खरीदारी की जा रही है। कुछ लोग सोने का बिस्कुट भी खरीद रहे हैं।
धनतेरस के समान अक्षय तृतीया पर भी सोने-चांदी की खूब खरीदारी की जाती है। भले ही सोना महंगा हो गया है लेकिन इसकी चमक अब भी उतनी ही तेज है। लोग प्रॉपर्टी की तुलना में सोने पर अधिक वेश कर रहे हैं। हल्के वजन की ज्वेलरी, इटालियन डिजाइनर ज्वेलरी, गोल्ड-डायमंड सेट, सिल्वर एंटीक आइटम, एमएमटीसी और कुंदन क्वाइन उपलब्ध हैं।