जिला पुलिस मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को एक युवक द्वारा थप्पड़
मारने के प्रयास के बाद ही वीआईपी की सुरक्षा को लेकर जागी और घटना के दो
दिन बाद पहुंचे सीएम पुत्र सांसद दीपेंद्र हुड्डा को लेकर ही सुरक्षा चाक
चौबंद कर दी। पुलिस अधिकारियों ने आयोजन स्थल किसान भवन में इंट्री से लेकर
मंच तक लोगों पर नजर रखी और मंच के आगे आठ से दस फीट की डी बनाई गई और
सुरक्षाकर्मियों ने आम लोगों कोसीएम पुत्र के नजदीक फटकने तक नहीं दिया।
सीएम
पुत्र सांसद दीपेंद्र हुड्डा मंगलवार को भाकियू की ओर से किसान भवन में
आयोजित किसान मसीहा सर छोटूराम की जयंती में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
पुलिस अधिकारियों ने वीआईपी सुरक्षा को लेकर मंगलवार को गंभीर नजर आई।
किसान भवन में लोगों से अधिक पुलिसकर्मी नजर आए और पुलिसकर्मियों की हर आने
व जाने वाले पर नजर रही। किसान भवन के प्रवेश द्वारा दो डोर फ्रेम मेटल
डिटेक्टर लगाए गए थे और वहां पर तैनात दो पुरुष कर्मियों के हाथ में हैंड
मेटल डिटेक्टर रहे। यहां से हर व्यक्ति की बारीकी से तलाशी लेने के बाद
अंदर जाने दिया। कार्यक्रम स्थल के आसपास भी पुलिसकर्मी तैनात रहे।
आठ से दस फीट की बनाई डी
किसान
भवन में पहली बार स्टेज के आगे वीआईपी को लेकर डी बनाई गई। इस बार यहां
स्टेज के आगे आठ से दस फीट की डी बनाई गई। डी के दोनों तरफ पांच-पांच
पुलिसकर्मी तैनात रहे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंची महिलाओं के आसपास भी महिला
पुलिसकर्मी तैनात रहे।
ये रही किसान भवन में सुरक्षा
किसान भवन
में एक डीएसपी, चार से पांच इंस्पेक्टर व करीब 12 सब इंस्पेक्टर तैनात रहे।
सीआईए स्टाफ की टीम भी कार्यक्रम स्थल के आसपास रही। किसान भवन में दो
रिजर्व कंपनी रही। इनमें करीब 50 पुलिसकर्मी थे। इसके अलावा सिविल ड्रेस
में भी पुलिसकर्मी लोगों के बीच में रहे। वे लोगों की बातों व
प्रतिक्रियाओं पर नजर गड़ाए हुए थे।
सीसीटीवी की रही पैनी नजर
किसान
भवन में सीसीटीवी की पैनी नजर भी आने-जाने व कार्यक्रम स्थल पर मौजूद
लोगों पर रही। इसके कंट्रोल पैनल पर भी पुलिसकर्मी तैनात रहे। मुख्य गेट पर
दो सीसीटीवी समेत तीन सीसीटीवी लगे हुए थे। एक सीसीटीवी मुख्य गेट व दूसरा
आयोजन स्थल की तरफ था।
दोपहर बाद मिली पुलिसकर्मियों को राहत
सीएम
पुत्र सांसद दीपेंद्र हुड्डा की सुरक्षा व रास्ते को लेकर शहर व जिले की
पुलिस सुबह ही तैनात हो गई थी। सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी सुबह ही जिले में
पहुंच गए थे। वे किसान भवन में दोपहर बाद करीब दो बजे पहुंचे और करीब एक
घंटा तक कार्यक्रम में रहे। वे यहां से करीब तीन बजे निकले।
गाड़ी के चारों तरफ रही सुरक्षा
दीपेंद्र
हुड्डा की गाड़ी के चारों तरफ सुरक्षाकर्मी तैनात रहे। ड्रेस और सिविल
ड्रेस में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने किसी भी बाहरी व्यक्ति को सांसद के
नजदीक नहीं आने दिया। कई लोगों ने गाड़ी में बैठने के बाद दीपेंद्र हुड्डा
से मिलकर गुहार लगानी चाही, लेकिन उसको पीछे धकेल दिया। यहां पर दीपेंद्र
हुड्डा के साथ वर्दी में एक इंस्पेक्टर व एसपी सिक्योरिटी का एक ओर जवान
खड़ा था। इसके अलावा कई अन्य सुरक्षाकर्मी गाड़ी के चारों तरफ रहे।
फ्लाईओवर के नीचे का बाजार कराया बंद
पुलिस
ने सुरक्षा की दृष्टि से किसान भवन व असंध रोड के नीचे का बाजार दिनभर
पूरी तरह से बंद रखा। दुकानदारों को पहले दोपहर तक बाजार बंद खोलने की कही
गई थी, लेकिन सांसद दीपेंद्र हुड्डा कई घंटे लेट हो गए। इससे बाजार की
दुकानें नहीं खुल सकी। दुकानदार दोपहर बाद दुकानों को खोल सके।
दो फरवरी को थप्पड़ मारने का किया था प्रयास
मुख्यमंत्री
भूपेंद्र सिंह हुड्डा को दो फरवरी को सनौली रोड पर सुरक्षा चक्र तोड़कर एक
युवक ने थप्पड़ मारने का प्रयास किया था। इसके बाद से पुलिस सकते में है।
इस मामले में डीएसपी समालखा बली सिंह, एसएचओ शहर रमेश कुमार व एक एएसआई
तारीफ को सोमवार को ही सस्पेंड कर दिया था।
दीपेंद्र ने कहा कि निंदनीय थी घटना
सांसद
दीपेंद्र हुड्डा ने पत्रकारों के सामने सीएम के साथ बदसलूकी के प्रयास को
निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने
का अधिकार है, लेकिन किसी के साथ बदसलूकी करना निदंनीय है। वे सुरक्षा लेकर
नहीं चलते। उनके साथ एक चालक व एक गनमैन रहता है। स्थानीय पुलिस अपना काम
करती है।