दिनभर चली तेज हवा के साथ मौसम रहा साफ। संवाद
- फोटो : नौडाड-पूरे नग्रहन-राजापुर बाबुपुर सरैया मार्ग।
पानीपत। मौसम ने चैत्र मास में फिर से करवट ली है। शुक्रवार को दोपहर के समय बादल छाने से अधिकतम तापमान में कमी आई। इससे गेहूं उत्पादक किसानों को चिंता कुछ कम हुई है। मौसम विशेषज्ञ ने रविवार को बारिश होने की और तापमान में कमी आने की संभावना जताई है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते इस बार मौसम परिवर्तनशील है। पिछले सप्ताह जहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था वहीं अब शुक्रवार को बादलों की आवाजाही लगी रहने से अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
हवा की रफ्तार 13 किलोमीटर प्रति घंटा रही। हवा की रफ्तार बढ़ने से सरसों की फसल वाले किसानों की चिंता बढ़ी है वहीं गेहूं उत्पादकों के चेहरे खिले हैं। क्योंकि तापमान में कमी आने से गेहूं के दाने का विकास हो पाएगा। नौल्था निवासी रामसिंह ने बताया कि उन्होंने तीन एकड़ में गेहूं की फसल का उत्पादन किया है। पिछले कुछ समय से तापमान लगातार बढ़ रहा है इससे उन्हें फसल उत्पादन कम होने की चिंता सताने लगी थी क्योंकि अभी गेहूं के दाने का विकास पूरा नहीं हुआ है उसमें करीब 25 दिन का समय और लगेगा और गेहूं की फसल के विकास के लिए धूप के साथ ठंड भी जरूरी होती है अब बारिश होने से या बादलों छाए रहने से तापमान में कमी आई है जो फसलों के लिए फायदेमंद रहेगी। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेषज्ञ डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि कई दिन बादलों की आवाजाही रह सकती है। वहीं रविवार को बारिश की संभावना है इससे तापमान में कमी आएगी। अगले सप्ताह अधिकतम तापमान घटकर 29 डिग्री तक पहुंच सकता है। तापमान में कमी आने और बारिश होने से गेहूं के दाने का विकास अच्छे से हो पाएगा इससे किसानों को फायदा होगा। हवा की रफ्तार बढ़ने से सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है।