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Panipat News: दावे हवाहवाई, धरातल पर गोवंश की भरमार

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पानीपत। नगर निगम अप्रैल से लेकर अब तक नैन गोशाला में करीब 715 बेसहारा गोवंश भेज चुका है। बावजूद इसके अब भी शहर की सड़कों पर दो हजार से ज्यादा बेसहारा गोवंश घूम रहे हैं। जो हर दिन किसी न किसी हादसे की वजह बन जाते हैं। निगम की ओर से कंडम गाड़ियां उपलब्ध करवाना और रोज नए फरमान सुनाना इस काम में बाधा उत्पन्न कर रहा है। हालांकि डीसी वीरेंद्र दहिया के संज्ञान लेने के बाद कुछ सुधार हुआ है, लेकिन निगम अधिकारियों को डीसी का हस्तक्षेप शायद अच्छा नहीं लगा। यही वजह है कि पिछले काफी दिनों से अभियान थम गया है।
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एजेंसी की ओर से अप्रैल में 65 गोवंश भेजे गए। मई में 532 भेजे गए। जून के चार दिन में 118 गोवंश गोशाला में भेजे गए हैं। नगर निगम ने खुद 27 मार्च को इस काम को बंद करा दिया था। इसके बाद इसे 22 अप्रैल को चालू किया गया, जिसमें निगम अधिकारियों ने आदेश दिए कि एक दिन छोड़कर अगले दिन सिर्फ एक गाड़ी भेजी जाए। यह काम दो मई तक चला। फिर निगम का नया फरमान आया कि अब रोजाना एक गाड़ी भेजें। 21 मई से रोजाना दो गाड़ियां भेजने के आदेश जारी किए। 24 मई को रोजाना 40 से 50 पशु गोशाला भेजने के आदेश दिए, जबकि निगम ने एजेंसी को कंडम गाड़ियां दे रखी हैं। आए दिन कोई न कोई गाड़ी खराब हो जाती है। कभी किसी की लिफ्ट तो कभी इंजन में फॉल्ट आ जाता है। निगम नई या अन्य गाड़ी तक नहीं दे रहा है। इससे अभियान रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है।
एजेंसी संचालक सुभाष आर्य ने बताया कि उनके पास काम करने का समय सिर्फ पांच से छह घंटे का ही होता है। वे दिन में पब्लिक होने की वजह से काम नहीं कर सकते। क्योंकि गोवंश पकड़ते समय हादसा होने का डर रहता है। रात में 10 बजे से लेकर सुबह चार या पांच बजे तक ही यह काम संभव है। एक गाड़ी अधिकतम दो चक्कर लगा सकती है। इनमें से कोई न कोई गाड़ी खराब भी रहती है। निगम अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया है कि आप गाड़ी अच्छी उपलब्ध करवाएं, मैन पावर हम बढ़ाएंगे। अगर ऐसा होता है तो अभियान रफ्तार पकड़ सकता है। सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट ने कहा कि वे इस बारे में अधिकारियों से बात करेंगे।
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