पानीपत। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने एक शिकायत के आधार पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण कार्यालय का रिकॉर्ड खंगाला। इस दौरान सीएम फ्लाइंग की टीम ने शिकायतकर्ता और अधिकारियों को आमने-सामने किया। गोहाना रोड मार्केट एसोसिएशन के सचिव की पत्नी का आरोप है कि 63 लाख रुपये भरने के बाद भी उन्हें प्लॉट नहीं दिया गया। इसके लिए वे एक साल से चक्कर लगा रहे हैं।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम मंगलवार की सुबह करीब सवा नौ बजे हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टर-18 स्थित कार्यालय पहुंची। डीएसपी अजीत भी उस समय पानीपत में थे। उनकी टीम ने कार्यालय में जाते ही स्टाफ की हाजिरी जांची। इसके बाद कार्यालय में आ रही शिकायतों और उनके निपटान की रिपोर्ट ली। लोगों से भी अधिकारियों और उनके काम के बारे में फीडबैक लिया। यह कार्रवाई दोपहर करीब डेढ़ बजे तक चली। इसके बाद टीम यहां से अपने साथ कुछ रिकॉर्ड भी ले गई है।
गोहाना रोड मार्केट एसोसिएशन के सचिव योगेश कुमार ने बताया कि उसने 24 अक्तूबर 2021 को ऑनलाइन बोली में सेक्टर 29 पार्ट टू में अपनी पत्नी निशा के नाम चार मरले का प्लॉट खरीदा था। उसने प्राधिकरण को 63.13 लाख रुपये जमा करा दिए थे। उसने प्लॉट की रजिस्टरी के लिए चार बार आवेदन किया। उसकी फाइल को हर बार कोई न कोई कारण बताकर रिजेक्ट कर दिया गया। पहले साइन वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट और फिर टीडीएस की कॉपी मांगी गई। उसने जब इसे जमा कराया तो प्लॉट का क्षेत्र अधिक बताया। वह प्लॉट की रजिस्टरी के लिए डेढ़ साल से कार्यालय के चक्कर काट रहा है। उसकी पत्नी निशा ने पिछले सप्ताह इसकी शिकायत सीएम विंडो पर दी थी।
संंपदा अधिकारी पुलकित मल्होत्रा ने बताया कि उन्होंने दो माह पहले पानीपत में कार्यभार लिया है। यह बोली डेढ़ साल पहले की है। कागजों और ऑनलाइन दस्तावेजों के संबंध में मुख्यालय को अवगत कराया जाएगा। वहीं सभी लंबित फाइलों का निस्तारण किया जा रहा है।
एचएसवीपी में लोगों के काम अटके हुए थे। एक शिकायत के आधार पर कार्यालय के रिकॉर्ड की जांच की गई है। कुछ रिकॉर्ड जब्त किया है। इसकी जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-अजीत कुमार, डीएसपी, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता करनाल।