पानीपत। शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने महिला एवं बाल विकास विभाग की एक सुपरवाइजर और हेल्पर को चार्जशीट करने के साथ नगर निगम के तीन अधिकारियों समेत सात के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है। साथ ही एक अन्य मामले में डीएसपी और एसएचओ को चेतावनी दी है। शिक्षामंत्री बुधवार को पानीपत के जिला सचिवालय में कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने करीब सवा दो घंटे में 19 शिकायत सुनी और 16 का मौके पर निपटारा किया।
शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने आंगनबाड़ी वर्कर अनीता देवी की शिकायत पर लॉकडाउन के दौरान राशन के गबन के मामले में सुपरवाइजर और हेल्पर को चार्जशीट और शिकायतकर्ता को अपना व्यवहार ठीक करने की चेतावनी दी है। वहीं छाजपुर कलां में शिकायतकर्ता जयनारायण की ओर से पूर्व सरपंच सीमा देवी पर एक करोड़ के गबन के मामले में पंचायती राज विभाग के एसडीओ, ग्राम सचिव व इससे संबंधित अधिकारी के खिलाफ पंचायत विभाग को कार्रवाई के आदेश दिए। गांव भापरा के संदीप वशिष्ठ की समालखा नगरपालिका में इंटरलॉकिंग टाइलों में गड़बड़ी करने और कब्जे की शिकायत पर एसडीओ और जेई के खिलाफ कार्रवाई करने और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए गए।
मंत्री के सामने डॉ. प्रदीप कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के मामले में एडीसी की रिपोर्ट में पुलिस अधिकारियों की कमी सामने आई। इस पर तत्कालीन डीएसपी ओमप्रकाश और एसएचओ बलराज को चेतावनी दी गई है। इसके अलावा सेक्टर-25-टू स्थित श्रीकृष्णा पार्क में घटिया सामग्री प्रयोग करने पर कैथल की बेदी कॉपरेटिव लैंड एंड सोसायटी को ब्लैक लिस्ट करने और इसकी 33.97 लाख रुपये की पेमेंट करने पर जेई, एमई और एक्सईएन के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए विभाग को आदेश दिए।
शिक्षामंत्री ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इसका परिणाम है कि विद्यार्थियों ने हर क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किया है। बच्चों ने आईआईटी और मेडिकल की परीक्षा भी उत्तीर्ण की है। प्रदेश में पांच से 25 लाख रुपये प्रति स्कूल पर खर्च किए जा रहें हैं। उन्होंने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि निजी स्कूल 10 प्रतिशत तक फीस बढ़ा सकते हैं। वह भी फार्म छह में स्पष्ट करना होगा। इससे अधिक फीस बढ़ाने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।