केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 10वीं बोर्ड परीक्षा के परिणामों को लेकर एक अहम कदम उठाया है। सीबीएसई ने 10वीं का रिजल्ट निकालने की प्रक्रिया शुरू करते हुए स्कूलों के लिए एक लिंक एक्टिवेट किया है, जिसमें स्कूलों को छात्रों द्वारा दी गई उन परीक्षाओं के आधार पर उनके अंक अपलोड करने हैं, जो उन्होंने 10वीं की पढ़ाई के दौरान दी थी। बोर्ड ने एक लिंक एक्टिवेट करके स्कूलों से छात्रों का आंतरिक मूल्यांकन करके नंबर अपलोड करने के लिए कहा है। उस लिंक के माध्यम से स्कूल बच्चों का स्कोर और इंटरनल असेसमेंट सीबीएसई की वेबसाइट पर अपलोड कर सकेंगे और उसी के आधार पर सीबीएसई 10वीं की कक्षा का रिजल्ट घोषित करेगा। सीबीएसई ने इस महीने की शुरुआत में कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए मार्किंग स्कीम जारी की थी।
सीबीएसई ने रद्द कर दी हैं परीक्षाएं
कोरोना महामारी की दूसरी लहर को देखते हुए सीबीएसई ने 10 बोर्ड की 2021 के लिए परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। बोर्ड ने स्कूलों को एक विशेष मानदंड के आधार पर कक्षा 10वीं के छात्रों का आंकलन करने के लिए कहा है। इन विशेष मानदंडों के तहत छात्रों को प्रत्येक विषय के लिए आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर 20 अंक दिए जाएंगे और बाकी 80 अंक सीबीएसई द्वारा तैयार किए गए नए फॉर्मूले के आधार पर दिए जाएंगे।
20 जून को घोषित हो सकता है 10वीं का रिजल्ट
लिंक के माध्यम से स्कूलों के लिए बच्चों के स्कोर 5 जून तक सीबीएसई की वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे। इसके बाद 11 जून तक स्कूल बच्चों के इंटरनल असेसमेंट सीबीएसई की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे और उन्हीं के आधार पर सीबीएसई 10वीं का रिजल्ट घोषित करेगा। 10वीं का परिणाम 20 जून को घोषित किए जाने की संभावना है।
20 अंक का होगा इंटरनल असेसमेंट
हर विषय के लिए कुल 100 अंक होंगे, जिनमें 20 अंक इंटरनल असेसमेंट के हैं। बाकी 80 अंकों के लिए पूरे साल में स्कूल द्वारा आयोजित किए गए विभिन्न टेस्ट और परीक्षाओं को आधार बनाया जाएगा। सीबीएसई की पॉलिसी के मुताबिक प्री-बोर्ड परीक्षाओं में छात्रों को मिले अंकों को सबसे ज्यादा महत्व (40 अंक) दिया जाएगा। इसके बाद अर्ध वार्षिक परीक्षाओं को 30 अंकों का और टेस्ट को 10 अंकों का वेटेज दिया जाएगा। स्कूल को वे अंक सीबीएसई की वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे।
- इस बात का भी रखना होगा ध्यान
सीबीएसई ने सभी स्कूलों को एक रिजल्ट कमेटी बनाने के लिए भी कहा है। इस कमेटी में प्रिंसिपल के अलावा 7 टीचर होने चाहिए। इसमें नतीजों को अंतिम रूप दिया जाएगा। चूंकि यह अंक स्कूल देंगे और स्कूल द्वारा आयोजित की गईं परीक्षाओं में प्रश्न पत्र की गुणवत्ता, उनका मूल्यांकन, परीक्षाओं के संचालन के तरीके में भिन्नता के कारण स्कूलों के बीच सही तुलना नहीं हो पाएगी। इसलिए सीबीएसई ने प्रत्येक स्कूल को एक विश्वसनीय रेफरेंस मॉडल का उपयोग करके छात्रों को अंक देने के लिए कहा है।
सीबीएसई ने एक लिंक एक्टिवेट किया है। उस लिंक के माध्यम से स्कूल बच्चों का स्कोर और इंटरनल असेसमेंट सीबीएसई की वेबसाइट पर अपलोड कर सकेंगे और उसी के आधार पर सीबीएसई 10वीं की कक्षा का रिजल्ट घोषित करेगा।
- वेदपाल भारद्वाज, चेयरमैन, न्यू ईरा पब्लिक स्कूल, मतलौडा, पानीपत।