पानीपत। देशराज कॉलोनी में नकली मोबिल ऑयल बनाते पकड़े गए दोनों भाइयों से सीआईए टू की ओर से की गई पूछताछ में खुलासा किया है कि वह दो साल से नकली मोबिल ऑयल बनाकर मार्केट में सप्लाई कर रहे थे और काफी मुनाफा कमा रहे थे। वह कैस्ट्रोल कंपनी की खाली बोतलों में मोबिल ऑयल भरकर फिर सील लगाकर उसे बेचते थे। सीआईए ने उनके पास से 632 बोतल नकली इंजन ऑयल बरामद कर आरोपयों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
सीआईए टू प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि नई दिल्ली के कालका जी एक्सटेंशन निवासी सुभाष शर्मा ने तहसील कैंप थाना पुलिस को दी शिकायत बताया था कि वह सी थ्री आई कंसल्टेंट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में ऑपरेशन मैनेजर के पद पर कार्यरत है। उनकी कंपनी का कैस्ट्रोल कंपनी के साथ टाइअप है। उनकी कंपनी का काम कैस्ट्रोल कंपनी के नाम से नकली तेल बनाने वालों पर नकेल कसना है। उसने हाल में पानीपत में सर्वे किया था। जांच में उसने पाया कि दो सगे भाई देशराज कॉलोनी निवासी उमेश व श्रीकांत देशराज कॉलोनी में एक गोदाम में मोटरसाइकिल में डालने वाले नकली मोबिल ऑयल का उत्पादन कर रहे हैं। वह कैस्ट्रोल कंपनी के नाम से सस्ती दर में तेल बेचते हैं। वह ऐसा करके कैस्ट्रोल कंपनी को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं और कंपनी की प्रतिष्ठा को खराब कर रहे हैं। पुलिस ने यहां दबिश देकर नकली मोबिल ऑयल तेज की बड़ी 31 पेट्टी बरामद की थी।