पानीपत। प्रशासन धान कटाई शुरू होते ही फसल अवशेष जलाने के मामलों को रोकने के लिए सख्त हो गया है। किसानों पर मुकदमा दर्ज करने के साथ सरकार की ओर से दी जाने वाली सब्सिडी को भी रोक दिया जाएगा।
उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि धान की फसल कटाई के बाद खेतों में फसल अवशेष (फाने) जलाना न सिर्फ दंडनीय अपराध है, बल्कि पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने व कार्रवाई करने के लिए प्रशासन द्वारा खंड स्तर पर टीमें बनाई हैं। टीम किसानों व आमजन को फसल अवशेष न जलाने के बारे में जागरूक कर रही हैं।
वहीं विशेष निगरानी टीमें गठित की गई हैं। ये टीम खेतों में फसल अवशेष जलाने वालों पर नजर रख हुए हैं। इसकी सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ने कहा कि फसलों के अवशेष जलाने के मामलों में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, वायु (प्रदूषण नियंत्रण) अधिनियम, और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 तहत पाबंदी है। इसके साथ किसानों की सब्सिडी और सरकारी योजनाओं का लाभ भी रोका जा सकता है। संवाद