एक पुराने मामले में एसआई मुनेश कुमारी के खिलाफ गवाह व्यापारी विक्रांत मलिक की पुलिस प्रशासन ने बिना नोटिस और जानकारी दिए उनकी सिक्योरिटी को वापस हटा लिया है। सिक्योरिटी हट जाने के कारण व्यापारी को जान का खतरा महसूस होने लगा। इसी संबंध में पीड़ित ने शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में मामले में के बारे में बताया। उसने प्रशासन से उसकी सिक्योरिटी वापस देने तथा उस पर कोई झूठा मुकदमा दर्ज नहीं करने की मांग की है।
घर पर आते हैं अंजान लोग
व्यापारी विक्रांत मलिक ने बताया कि 3 जून को बिना बताए उनकी सिक्योरिटी हटा ली गई। जब से सिक्योरिटी हटी है तब से उसके घर अंजान लोगों का आना जाना शुरू हो गया है। लोग घर पर आकार उसकी बीबी से उसके बारे में पूछते हैं। उसने बताया कि उसकी तथा उसके परिवार के सदस्यों को जान का खतरा है। विक्रांत ने बताया कि इस संबंध में वो शुक्रवार को डीजीपी और एडीजीपी से भी मिले थे। लेकिन कोई संतुष्टिपूर्ण जबाव नहीं मिला। उन्होंने कहा कि एसआई रही मुनेश कुमारी से उन्हें जान का खतरा है। उन्होंने कहा कि मुनेश कुमारी उन पर कभी भी हमला करा सकती है। मुनेश कुमारी के कई साथी भी उसका साथ दे रहे हैं जिसमें गुड़गांव के बिलासपुर में एसएचओ दीपक भी उसके साथ है। दीपक 2014 में सीएसआई में था।
ये है मामला
विक्रांत धमीजा के साथ एसआई मुनेश कुमारी का किसी केस को लेकर झगड़ा हो गया था। मामला इतना बढ़ गया था कि मुनेश कुमारी ने विक्रांत का अपहरण भी करा लिया था। इसका मामला दर्ज कराया था। जो बाद में सही पाया गया। इसके बाद मुनेश कुमारी जेल भी गई थी। अभी मुनेश कुमारी जमानत पर बाहर हैं।