पानीपत। निर्यातकों ने अमेरिका में 50 प्रतिशत टैरिफ लागू होने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दक्षिण अफ्रीका में नई मंडी तलाश की है। पानीपत समेत दिल्ली व कोलकाता के करीब 30 निर्यातकों ने दक्षिण अफ्रीका के दो बड़े शहरों जोहन्सबर्ग और कैपटाउन में प्रदर्शनी लगाई। स्थानीय व्यापारियों ने प्रदर्शनी में पानीपत के टेक्सटाइल उत्पादों के बारे में जानकारी ली। निर्यातकों को नए देशों से नए व्यापारिक रिश्ते बनने की उम्मीद है।
पानीपत का हर साल करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निर्यात होता है। अकेले अमेरिका में 50 प्रतिशत निर्यात होता है। अमेरिका में पहले छह प्रतिशत टैरिफ था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे पहले 25 और फिर 50 प्रतिशत किया। इसे 28 अगस्त से लागू कर दिया। ऐसे में अमेरिका के व्यापारियों ने निर्यातकों के सामने पूरा या आधा टैरिफ लगाने की शर्त रख दी। निर्यातकों ने शर्त पर व्यापार करने से हाथ खींच लिए थे। इन सबके बीच निर्यातक नए देशों की तलाश में थे।
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दूसरे देशों के रास्ते माल भेजने की तैयारी
निर्यातकों ने अमेरिका में उत्पाद सीधे भेजने के बजाय सिंगापुर व दूसरे देशों से भेजने की तैयारी कर दी है। ऐसे में इन देशों के व्यापारियों के साथ संपर्क साधने में लगे हैं। इसके साथ निर्यातक अपने कार्यालय सिंगापुर में भी बनाने की तैयारी में हैं। हैंडलूम एक्सपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान विनोद धमीजा ने बताया कि निर्यातक को अपना उत्पाद चलाना है। वह इससे लिए अपना हर प्रयास कर रहे हैं।
चार दिन लगाई प्रदर्शनी
हैंडलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल नए देशों में व्यापार के रास्ते तलाशने के लिए आगे आई। कौंसिल के कार्यकारी निदेशक एन श्रीधर और प्रधान ललित गोयल की पानीपत, दिल्ली व कोलकाता के करीब 30 निर्यातकों का दल दक्षिण अफ्रीका पहुंचा। यहां जोहन्सबर्ग और कैपटाउन शहर में प्रदर्शनी लगाई। जोहन्सबर्ग में 27 और 28 और कैपटाउन शहर में 1 व 2 सितंबर को प्रदर्शनी लगाई। उद्यमी गुलशन मल्होत्रा ने बताया कि प्रदर्शनी में व्यापारियों ने टेक्सटाइल के उत्पादों में काफी दिलचस्पी दिखाई है। इनके साथ भविष्य में अच्छा व्यापार होगा। इस तरह की प्रदर्शनी दूसरे शहरों में भी लगानी चाहिए।