पानीपत। उद्यमियों को नोटबंदी के बाद बजट में भाजपा सरकार से वार्षिक आय के साथ उद्योगों को नई योजनाओं की उम्मीद है। उद्यमियों का कहना है कि सरकार की उद्योगों को बढ़ावा देने की नीतियों से ही मेक इन इंडिया का सपना साकार होगा।
निर्यातकों को बजट में नए उद्योग स्थापित करने में कुछ छूट देनी चाहिए। सरकार के सहयोग देने पर ही उद्यमी आगे बढ़ सकेंगे और वे मेक इन इंडिया का सपना साकार कर सकेंगे। इसको लेकर सरकार को नई योजनाओं को शामिल करने के साथ उद्यमियों की राय लेकर भी नए फैसले लेने चाहिए।
सुरेश गर्ग, निर्यातक, पानीपत।
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नोटबंदी का इंडस्ट्री पर काफी विपरित असर पड़ा है। सरकार बजट में उद्योग को बढ़ावा देने वाली नीतियों को शामिल करें। उद्योगों के बढ़ावा देने पर ही आर्थिक व्यवस्था मजबूत होगी और देश का विश्व में नाम बनेगा।
विनोद ग्रोवर, प्रधान ओल्ड इंडस्ट्रीयल एरिया मॉडल टाउन।
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व्यापारी ही नहीं उद्योगपति की स्थिति चिंताजनक है। स्माल स्केल इंडस्ट्री बंद होने के कगार पर आ गई है। आज के समय में उद्योगपतियों को सरकार के सहारे की जरूरत है। उद्योगपतियों को बैंकों से सस्ता ऋण दिया जाना चाहिए। उद्यमियों को टैक्स में भी छूट दी जाएगी।
यशपाल मलिक, चेयरमैन, स्माल स्केल इंडस्ट्री।
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उद्योगों में विकास का पहिया थम सा गया है। सरकार को उद्यमियों को ऋण में सब्सीडी देनी चाहिए और बिजली के दर भी कम करनी चाहिए। इससे उद्योगपतियों को इस दौर में उबरने का मौका मिल सकेगा। बजट में उद्यमियों को सुविधा नहीं मिली तो काफी उद्योग बंद होने के कगार पर आ जाएगा।
भीम राणा, प्रधान, डायर्स एसोसिएशन पानीपत।