अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नोटबंदी के बाद बड़ा झटका सहकर बैठे उद्यमियों को बजट से उम्मीद है। वे इस बजट में वार्षिक आय की दर बढ़ने के साथ उद्यमियों को सस्ती और पर्याप्त बिजली मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। उद्यमियों ने सरकार से औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत बनाने की मांग की है। अमर उजाला माई सिटी ने शहर के कुछ उद्यमियों से बात कर बजट को लेकर उनकी उम्मीदों के बारे में जाना। उद्यमियों ने खुलकर अपनी उम्मीदों के बारे में बताया।
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पानीपत के उद्योग को लंबे अरसे से कई सुविधाओं की दरकार है। सरकार इस बजट में हैंडलूम को बढ़ावा देने के लिए नई सुविधाएं उपलब्ध कराए। इसके अलावा शहर को स्वच्छ बनाया जाए। हैंडलूम का अलग से सेक्टर डेवलप किया जाए। इससे उद्यमियों को काम आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी और सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा।
रमेश वर्मा, प्रधान, हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन पानीपत।
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औद्योगिक इंफ्रास्ट्रेक्चर मजबूत किया जाए। इंडस्ट्री को सस्ती जमीन और बिजली भी उपलब्ध कराई जाए। इससे उद्योगपति प्रोत्साहित होंगे। इस बजट में व्यापारियों की सुविधाओं पर खासकर ध्यान दिया जाए। औद्योगिक इकाइयों को दिए जाने वाले ब्याज की दर भी कुछ कम की जाए। इससे उद्यमियों को व्यवसाय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विनोद खंडेलवाल, उद्यमी।
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सरकार इस बजट में वार्षिक आय को बढ़ाकर पांच लाख रुपये करे। व्यापारियों को ऑनलाइन बैंकिंग सिस्टम को अपनाने में कोई दिक्कत नहीं है। सरकार इस प्रणाली पर लगने वाले सर्विस टैक्स हटाए। स्टेट और नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा बंद हों। इस तरह के चार्ज को पेट्रोल, डीजल की कीमतों में जोड़ा जाएं। सस्ती बिजली दी जाए।
राकेश चुघ, उद्यमी।
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सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नई पॉलिसी लेकर आए। इसके बाद ही मेक इन इंडिया का सपना साकार हो सकता है। साथ ही उनकी समस्याओं का हल प्राथमिकता के आधार पर हो। इनकम टैक्स का स्लैब 30 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत किया जाए। इसी प्रकार वार्षिक आय पर छूट की सीमा भी बढ़ाकर पांच लाख रुपये की जाए।
ओपी मिगलानी, उद्यमी।