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व्यापारी और दुकानदारों ने मांगी सुरक्षा की गारंटी, प्रशासन ने दिलाया भरोसा, पटरी पर लौटने लगी जिंदगी

Wed, 24 Feb 2016 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
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शहर के उद्यमी, व्यापारी व दुकानदारों ने सुरक्षा की गारंटी को आवाज उठाते हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान प्रदेशभर में व्यापारियों व दुकानदारों को हुए नुकसान की शत प्रतिशत भरपाई की मांग की है।
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सभी ने एक साथ दोपहर तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर रोष व्यक्त किया और दंगे में लिप्त अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

आक्रोशित दुकानदारों ने पालिका बाजार के सामने जीटी रोड जाम करने का भी प्रयास किया। डीसी व एसपी ने बीच में पहुंचकर ज्ञापन लेकर उचित कार्रवाई को भेजने और सुरक्षा मुहैया कराने का विश्वास दिलाते हुए सहयोग की अपील की।

दोपहर बाद तनावपूर्ण शांति के बीच बाजार खुला। हरियाणा व्यापार मंडल के आह्वान पर मंगलवार को शहर के उद्योगपतियों, व्यापारियों व दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और सुबह पालिका बाजार में एकजुट हुए।
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हरियाणा व्यापार मंडल के अध्यक्ष रोशनलाल गुप्ता व युवा प्रदेशाध्यक्ष राकेश चुघ ने इसकी अध्यक्षता की। जिसमें आट आरक्षण आंदोलन के दौरान जिले समेत प्रदेशभर में हुए नुकसान पर चर्चा कर आगे की कार्य योजना तैयार की।

उन्होंने कहा कि व्यापारी व उद्योगपति की एक ही जात होती है और उनको किसी के आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान दुकानों व प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ कर दी और उनको आग के हवाले कर दिया।

यहीं नहीं कई जगह प्रशासन व पुलिस की मौजूदगी में दंगाइयों ने लूटमार की। इन लोगों पर किसी तरह की कार्रवाई करने की बजाय चुप्पी साधे रहे।

रोशनलाल गुप्ता ने कहा कि प्रशासन व पुलिस के कुछ अधिकारी पूरे दंगे में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहे हैं। उन्होंने सरकार को इनकी पहचान कर कार्रवाई करनी चाहिए। इन दंगों से प्रदेश करीब 20 साल पीछे चला गया है।
प्रशासन से उठा विश्वास, खुद सुरक्षा का लिया फैसला

बाजार एसोसिएशन के प्रधानों व दुकानदारों ने काफी देर तक सुरक्षा व व्यवस्था पर विचार विमर्श किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन व पुलिस सुरक्षा नहीं कर रही। जिससे दुकानदारों व व्यापारियों में भय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के बीच यह स्पष्ट हो गया है। सभी लोगों ने फैसला लिया कि बाजार एसोसिएशन, सामाजिक व धार्मिक संगठन खुद सुरक्षा करेंगी और दुकानों व बाजारों में रात को ठिकरी पहरा देंगे।

डीएसपी व तहसीलदार को लौटाया, एसपी के सामने नारेबाजी
दुकानदार व व्यापारी मंगलवार सुबह 10 बजे ही पालिका बाजार में पहुंच गए थे। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने पूरे मामले पर चिंता व्यक्त की।

तहसीलदार हरिओम अत्री व डीएसपी जोगिंद्र राठी ने उनके बीच पहुंचे और उनको हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया, लेकिन बाजार प्रधानों ने उनकी एक भी नहीं सुनी और बैरंग लौटा दिया। उन्होंने कहा कि डीसी व एसपी उनके बीच आए और सुरक्षा का भरोसा दें।

इसके बाद नगर निगम के संयुक्त आयुक्त अश्विनी मैंगी उनके बीच पहुंचे, लेकिन उनको भी ज्ञापन नहीं सौंपा। इसके बाद उपायुक्त समीर पाल सरो व एसपी राहुल शर्मा पालिका बाजार पहुंचे। दुकानदारों व उद्यमियों ने एसपी के सामने ही पुलिस विरोधी नारेबाजी की। हंगामा बढ़ने पर पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को सतर्क होना पड़ा। डीसी ने उनकी बात सुनकर सुरक्षा व व्यवस्था का भरोसा दिलाया।

जीटी रोड पर काटा हंगामा, बीच रास्ते से लौटे
हरियाणा व्यापार मंडल के बैनर तले दुकानदार व व्यापारियों ने आक्रोश व्यक्त किया और प्रदर्शन करते हुए लघु  सचिवालय जाने लगे। कुछ दुकानदार व व्यापारी जीटी रोड से प्रदर्शन करते हुए बीएसएनएल एक्सचेंज तक पहुंच गए। यहां पर किसी से कुछ बात हो गई और सब वापस आ गए। इसके बाद कुछ दुकानदारों ने पालिका बाजार के सामने जीटी रोड पर जाम लगाने का प्रयास किया। पुलिस व सेना ने आक्रोशित लोगों को पीछे हटाया।

सुबह दुकानें बंद, दोपहर बाद लौटी रौनक
बाजार में कई दिन के सन्नाटे के बाद धीरे-धीरे रौनक लौटनी शुरू हो गई। जहां बाजार दोपहर तक बंद रहा, वहीं दोपहर बाद बाजार खुलते ही रौनक लौटने लगी। विदित है कि जाट आरक्षण आंदोलन के चलते पानीपत बाजार गत चार दिनों से पूरी तरह से बंद है। सोमवार को बाजार खुला था, लेकिन कुछ उपद्रवियों के बाजार में घुसने के चलते बाजार को बंद कर दिया गया था।
हरियाणा व्यापार मंडल ने छह मांग रखी

हरियाणा व्यापार मंडल ने डीसी के मार्फत मुख्यमंत्री को सौंपे ज्ञापन में छह मांगों को रखा।
1. व्यापारी या उद्योगपति की संपत्ति या जान माल के नुकसान की शत प्रतिशत भरवाई की जाएं।
2. संपत्ति की क्षति का आंकलन में समय न गंवाए बिना तुरंत क्षतिपूर्पि की जाएं। व्यापारी प्रतिनिधि की सिफारिश पर ही नुकसान राशि तय हों।
3. शत प्रतिशत व्यापारी प्रतिष्ठानों के परिवार को नौकरी दी जाएं।
4. प्रशासनिक व पुलिस के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सहयोग देने वाले अधिकारियों की पहचान कर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाएं और सीबीआई से जांच कराई जाएं।
5. शहरों व कस्बों के हर चौक-चौराहों व कोनों पर सुरक्षा मुहैया कराई जाएं।
6. आगजनी व तोडफ़ोड़ करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान कर जेल में डाल देना चाहिए।

डीसी ने सुरक्षात्मक माहौल देने का दिया भरोसा
उपायुक्त  समीरपाल सरो ने मंगलवार को पालिका बाजार में विभिन्न बाजारों के संगठनों के प्रतिनिधियों की बात सुनी और उनको प्रशासन की तरफ से सुरक्षात्मक माहौल देने का भरोसा दिया।

उन्होंने अपील की कि वे जिला में शांति व व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन का सहयोग करें। सरकार और प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जान-माल की सुरक्षा करना है।

उन्होंने सभी दुकानदारों और प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों को विश्वास दिलाया कि असामाजिक तत्वों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हर वर्ग से मिलकर समाज बनता है और सबको भाईचारा बरतकर समाज और प्रदेश की प्रगति में अपनी अहम भूमिका निभानी होगी। सबको एकता के सूत्र में बंधकर भाईचारे की भावना को कायम रखना चाहिए। कोई भी व्यक्ति किसी के बहकावे या अफवाहों में न फंसे। इससे भाईचारे खराब होता है।

प्रशासन की अगुवाई में पुलिस व सेना ने निकाला फ्लैग मार्च
शहर में शांति व व्यवस्था बनाए रखने के लिए मंगलवार को भी फ्लैग मार्च निकाला गया। एसडीएम विवेक चौधरी, डीआरओ वीके बठला व तहसीलदार हरिओम अत्री ने इसका नेतृत्व किया। जिसमें पुलिस व सैन्य अधिकारी व कर्मी तैनात रहे। शहरवासियों को उनके सुरक्षित होने का भरोसा दिलाया और अपने दैनिक कार्यों के लिए बेखौफ आने की अपील की।
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