पानीपत। जनसेवा दल की ओर से कांशीगिरी मंदिर में आयोजित गीता पाठ कार्यक्रम का रविवार को समापन हुआ। कथाव्यास मानव चेतना केंद्र ऋषिकेश से स्वामी ब्रह्मस्वरूपानंद रहे। दल के प्रधान कृष्ण मनचंदा और सचिव चमन गुलाटी ने स्वामी को पगड़ी पहनाकर, दो शाल और पुष्प गुच्छ देकर सम्मानित किया। स्वामी ने कहा कि मानव के ज्ञान चक्षु सत्संग से ही खुलते हैं और महापुरुषों की शरण में जाने से ही जीवन का कल्याण निश्चित है। काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार आदि विकारों से जीवन का सुधार नहीं होता जबकि महापुरुष की शरण से जीवन को मोक्ष मिलना संभव है। इस अवसर पर धर्म प्रचारक युधिष्ठिर शर्मा, राजू कथूरिया, नरेश सहगल, श्यामसुंदर शर्मा, अशोक अरोरा, कैलाश लूथरा, पवन बत्रा उपस्थित रहे। संवाद