पानीपत। समाधान शिविर में एक दंपती का मकान को लेकर विवाद उपायुक्त के सामने पहुंची। भारत नगर वासी धर्मबीर ने शिकायत में कहा कि उसने काफी मेहनत कर मोटी पूंजी लगाकर भारत नगर में अपना मकान बनाया। अब उसकी पत्नी उस मकान को बेचना चाहती थी। उन्होंने अपनी पत्नी पर कार्रवाई करने की मांग की। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इसमें कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसी तरह दरबार में 94 शिकायतें आईं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को इनके समाधान के निर्देश दिए।
जिला सचिवालय स्थिति द्वितीय तल के सभागार में वीरवार को समाधान शिविर लगाया गया। इसकी अध्यक्षता उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने की। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशों पर आमजन की समस्याओं का समाधान करने को लेकर समाधान शिविर लगाए जा रहे हैं। लोग यहां उम्मीद के साथ पहुंचते हैं। ऐसे में अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई कर संबंधित व्यक्ति को समय पर न्याय देना चाहिए।
धर्मवीर वासी भारत नगर ने शिकायत में कहा कि उसकी पत्नी मकान को बेचना चाहती है जबकि उन्होंने मेहनत कर मकान को बनाया है। इस पर बड़ी पूंजी खर्च की है। उन्होंने प्रशासन से मकान को बचाने का अनुरोध किया व पत्नी पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। जसमेर ने बताया कि उसकी पत्नी की मौत चुकी है। उसे विधुर पेंशन के लिए विभाग के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उपायुक्त ने इसमें तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सुरेंद्र, रकम सिंह व सुरेश वासी चुलकाना ने कहा कि उनके खेत में 100 केवीए का ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। इस ट्रांसफार्मर का लोड बढ़वाया जाएं।
उझा रोड एकता विहार कॉलोनी एक व्यक्ति ने बताया कि उसकी वार्षिक आय एक लाख से कम है। उन्होंने परिवार पहचान पत्र को पुन: सत्यापित कर राशन कार्ड बनवाने की मांग की। इस मौके पर एसपी लोकेंद्र सिंह, जिला परिषद के सीईओ नरेंद्र पाल मलिक, नगराधीश टीनू पोसवाल, सीएमओ डॉ. जयंत आहुजा, खजाना अधिकारी हजारा सिंह, डीएसओ धरेंद्र हुड्डा, पशुपालन विभाग के पशु चिकित्सक डॉ. माणिक पवार, डॉ.अशोक लोहान, मत्स्य अधिकारी मदन मोहन मौजूद रहे।
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कर्मचारियों व लोगों ने कराया प्रकृति परीक्षण
उपायुक्त ने बताया कि समाधान शिविर में आयुष मंत्रालय द्वारा कर्मचारियों व प्रार्थियों का प्रकृति परीक्षण किया जा रहा है। अब तक 130 कर्मचारियों व आम व्यक्ति स्वस्थ रहने के लिए अपने शरीर की प्रकृति को जाना। वीरवार को 40 से ज्यादा लोगों ने अपना प्रकृति परीक्षण कराया। नगराधीश टीनू पोसवाल, जिला रोजगार अधिकारी रीतू चहल, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक नीतू ने अपना प्रकृति परीक्षण कराया। प्रकृति परीक्षण के लिए आयुष विभाग की दो टीम जिला सचिवालय के सभागार में परीक्षण करती हैं। इनमें एक टीम महिला और दूसरी वर्ग के लिए निर्धारित है। प्रत्येक टीम में तीन-तीन चिकित्सक हैं।