अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। नगर निगम कार्यालय में वीरवार को बजट को लेकर हुई बैठक में शहर की सरकार दो फाड़ हो गई। मेयर कार्यालय में बैठक ना कर नगर निगम कमिश्नर कार्यालय में बैठक करने पर मेयर सुरेश वर्मा समेत कांग्रेस समर्थक 11 पार्षदों ने बजट बैठक का बहिष्कार कर दिया। वहीं दूसरी तरफ भाजपा के नौ पार्षदों ने डिप्टी मेयर की अध्यक्षता में बैठक कर बजट पर मुहर लगा दी। नगर निगम ने शहर के लिए 117.41 करोड़ रुपये का बजट बनाया गया है। जिसमें करीब 45 करोड़ रुपये वेतन पर खर्च होगा। बजट बैठक के बाद दो फाड़ हुई शहर की सरकार के पार्षदों में खींचतान बढ़ गई है। जबकि नगर निगम पिछले साल के 110.24 करोड़ के बजट में से करीब 36 करोड़ रुपये का ही राजस्व प्राप्त कर पाया है।
नगर निगम के नए वित्त वर्ष को लेकर बजट बैठक पालिका बाजार स्थित नगर निगम स्थित मेयर कार्यालय में तय की गई थी। मेयर व उनके समर्थन में कांग्रेस समर्थित समेत 11 पार्षद पहुंच गए, लेकिन तय समय तक नगर निगम के अधिकारी बैठक में नहीं पहुंचे। मेयर सुरेश वर्मा व पार्षद अधिकारियों का इंतजार करते रहे और बार-बार संपर्क भी करते रहे। वहीं भाजपा पार्षद दुष्यंत भट्ट की अगुवाई में पार्षदों ने डिप्टी मेयर सीमा पाहवा की अध्यक्षता में नगर निगम के रेलवे रोड स्थित प्रशासनिक भवन में बैठक कर ली। जिसमें कमिश्नर वीना हुड्डा ने बैठक का संचालन किया। डिप्टी मेयर की अध्यक्षता में दस पार्षदों ने 117.41 करोड़ रुपये के नए बजट पर मुहर लगा दी। इस मौके पर ईओ विनोद मेहरा, एसई एनडी वशिष्ठ, एक्सइएन आरडी शर्मा,एमई अंकित लोहान, रामभज, प्रदीप कल्याण, अकाउंट अफसर केके जैन, सीएसआई सुमित मौजूद रहे।
मेयर कार्यालय में पार्षद करते रहे इंतजार
मेयर कार्यालय में मेयर सुरेश वर्मा, सुनील वर्मा, बलजीत सिंह, मदन लाल मंजोका, बूजभूषण धींगड़ा, सुनील शर्मा, सुभाष बठला, प्रवेश नैन, शीला देवी, संजीता देवी, रामचंद्र कादियान बैठक को लेकर अधिकारियों का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। मेयर सुरेश वर्मा ने अधिकारियों के रवैये से नाखुश होकर शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को पत्र लिखा है। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों पर हाउस की बैठक का स्थान बदलने की सूचना न देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम हाउस की बैठक 16 मार्च को मेयर कार्यालय में होनी तय हुई थी। वे सब मेयर कार्यालय में निर्धारित समय पर पहुंच गए थे, लेकिन अधिकारियों ने तय स्थान पर आने की बजाय अपने स्तर पर कुछ पार्षदों को साथ लेकर बजट बैठक दूसरे स्थान पर कर ली। उन्होंने इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
एक तिहाई पार्षदों की थी आवश्यकता
बजट को पास करने के लिए नॉर्म्स के अनुसार एक तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी। इसके लिए आठ पार्षदों का होना अनिवार्य था। बैठक में दुष्यंत भट्ट, सीमा पाहवा, संजीव दहिया, हरीश शर्मा, अशोक नारंग, भूपेंद्र सिंह, सतीश सैनी, सुधा अग्रवाल, सुरेंद्र गर्ग, जयकुवार मौजूद रहे। पार्षद संजीव दहिया ने बाद में आने की बात कही थी। एक तिहाई बहुमत होने के बाद बजट पर मुहर लगा दी गई।
आरोपों से बचने के लिए बदला स्थान
कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने आरोप लगाया कि बैठक का स्थान जान बूझकर निर्धारित समय से कुछ देर पहले बदला गया है, ताकि वे लोग बैठक में पहुंचकर विकास कार्यों में चल रहे गोलमाल पर हंगामा ना करें। पार्षदों ने कहा कि नियम के अनुसार बैठक का स्थान 24 घंटे पहले बदला जाना चाहिए था, लेकिन महज एक घंटे पहले स्थान बदला और मोबाइल पर मैसेज भेज दिया। जो कि पूर्णत: गलत है।
डी प्लान के तहत किए कार्यों की हो जांच
पार्षदों ने डी प्लान के तहत करवाए गए कार्यों में गोलमाल करने का आरोप लगाया है। पार्षदों ने कहा कि डी-प्लान के तहत एससी बस्तियों के लिए आए पैसे का कोई हिसाब किताब नहीं है। इसकी जांच की जानी चाहिए। आजाद नगर में पहले से बने पार्क में प्लेट लगाकर डी-प्लान के तहत पांच-पांच लाख रुपये डकारे गए। इस बारे में कई बार शिकायत दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वार्ड नंबर नौ में कई ट्यूबवेल लगवाए गए, लेकिन शेष वार्डों को वंचित रखा गया। पार्षदों ने मांग की है कि विधायक द्वारा शहर में बनवाए गए शौचालयों की विजिलेंस से जांच करवाई जाएं।
पार्षदों को अपना कार्य करने दें विधायक
पार्षदों ने कहा कि विधायक पार्षदों के काम में रुकावट डालते हैं। विधायकों को चाहिए कि वो पार्षदों को अपना काम करने दें। विधायक का काम शहर के लिए बड़ा काम लेकर आने का होता है, लेकिन यहां पार्षदों के काम में रुकावट डालने का काम किया जा रहा है। सीनियर डिप्टी मेयर काजल बठला ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय सभी वार्डों में समान कार्य किए गए, लेकिन भाजपा सरकार में किसी भी वार्ड में कोई कार्य नहीं किया गया। कुछ वार्डों में ही कार्य करवाए जा रहे हैं। अधिकतर वार्डों में आज तक विकास कार्यों की तरफ ध्यान नहीं दिया गया।
टावर लाइट लगी तो ले लूंगी फांसी
वार्ड 23 की पार्षद शीला देवी ने कहा कि उनके वार्ड में कोलोनाइजर अवैध तरीके से जमीन काट रहे हैं। वहां पर ठेकेदार ने नगर निगम में सेटिंग कर दो टावर लाइट लगवाने की मंजूरी ले ली। जबकि रिहायशी इलाकों में आज तक टावर लाइट नहीं लगाई गई। शीला देवी ने कहा कि एक स्थान पर दो टावर लाइट लगाने का वह विरोध करती हैं। उन्होंने कहा कि अगर वहां पर टावर लाइट लगवाई गई तो वे फांसी लगा लेंगी और विधायक के नाम सुसाइड नोट लिखकर मरूंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित होने के नाते ही उन्हें दबाया जा रहा है।
आवाज ना उठाएं इसलिए बदला स्थान
मेयर सुरेश वर्मा ने कहा कि बैठक में पार्षद अपने वार्डों में कार्य करने की आवाज उठाएंगे। इसलिए बैठक का स्थान बदला गया है। बैठक से कुछ समय पहले स्थान बदलना और फिर फोन कर इसकी सूचना न देना गलत है। इस बारे में शहरी स्थानीय विभाग के डायरेक्टर को पत्र लिखा है।
आधे घंटे पहले शुरू हुई बैठक
निगम कार्यालय में होने वाली बैठक को आधे घंटे पहले ही शुरू कर दिया गया। बैठक के दौरान फ्लाईओवर के नीचे टाइल लगवाने, शहर से डेयरी शिफ्ट करवाने, शहर में सुअर-बंदर को पकडने का मुद्दा उठाया गया। इसके अलावा बैठक में पार्षदों ने मांग रखी कि एमपी, विधायकों की तरह पार्षदों का भी कोटा निर्धारित किया जाए। ताकि अपने वार्ड में वे छोटे-मोटे काम करवा सकें। 20 मिनट तक चली बैठक में एजेंडे पर मोहर लगाते हुए बजट पास कर दिया गया।
ध्वनि मत से पास हुआ बजट
वार्ड 15 पार्षद सुरेंद्र गर्ग ने बताया कि सरकार का बजट ध्वनि मत से पास हुआ है। अप्रैल माह के बाद विकास कार्य शुरू करवाए जाएंगे। वहीं दुष्यंत भट्ट ने कहा कि सरकारी अफसरों द्वारा तैयार बजट बेहतर है। कांग्रेस समर्थक पार्षदों की मंशा को वे लोग पहले ही भांप गए थे। बजट को हर हालत में पास करवाना था। मेयर व अन्य बजट को पास नहीं होने देना चाहते थे।
बजट आकड़ों में
विषय 2016-17 2017-18
प्रॉपर्टी टैक्स 40,00,00,000 46,80,00,000
फायर टैक्स चार्ज 25,00,000 10,00,000
मोटर टैक्स 1,00,00,000 1,25,00,000
स्टांप ड्यूटी 31,00,00,000 20,00,00,000
एक्साइज ड्यूटी 10,00,00,000 12,00,00,000
डेवलेपमेंट चार्ज 9,00,00,000 15,00,00,000
टावर व केबल चार्ज 6,00,00,000 6,00,00,000
डीओटी लाइसेंस फीस 1,00,00,000 3,00,00,000
कॉपिंग फीस 5,00,000 25,00,000
रेंट 2,50,00,000 3,00,00,000
मलबा फीस 13,00,000 1,00,00,000
बीए फीस 18,00,000 18,00,000
म्यूनिसिपल टैक्स 4,00,00,000 5,00,00,000
स्लाटरिंग कांट्रेक्ट 10,00,000 10,00,000
वाटर चार्जेज 2,50,000 2,50,000
ऑन इंवेस्टमेंट 1,00,00,000 1,50,00,000
एडवरटाइजमेंट 1,20,00,000 1,00,00,000
बाउंड्री चार्जेज 50,00,000 50,00,000
मिसलेनियस 2,00,00,000 20,00,000
आरटीआई 50,000 50,000
सर्विस टैक्स 30,00,000 50,00,000
कुल 110,24,00,000 117,41,00,000
नोट : बजट के आंकड़े बैठक में अधिकारियों द्वारा जुटाए गए हैं।
बजट बैठक का समय बदलने की सभी पार्षदों को सूचना दे दी गई थी। मेयर व सीनियर डिप्टी मेयर के न पहुंचने पर डिप्टी मेयर की अध्यक्षता में मीटिंग की गई। जिसमें दस पार्षदों ने बहुमत से पास कर दिया। इस बार 117.41 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है। जिसमें कई दरों को बढ़ाया गया है तो कई को घटाया भी गया है।
वीना हुड्डा, कमिश्नर, नगर निगम पानीपत।