संवाद न्यूज एजेंसी
मतलौडा। अटावला गांव में ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों ने भट्ठा मालिक पर मजदूरों को बंधक बनाने का आरोप लगाया था। पुलिस टीम और तहसीलदार ने लेबर इंस्पेक्टर के साथ मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। जिसमें भट्ठा मालिक पर लगे आरोप निराधार निकले।
अधिकारियों को सूचना मिली की अटावला गांव में रामकुमार भट्ठा कंपनी के मालिक अनिल कुमार मजदूरों को भट्ठे पर बंधक बनाकर रखा गया है। साथ ही मजदूरों के साथ मारपीट कर उनका ट्रैक्टर भी छीन लिया है। जिसमें मजदूर नरेश ने मतलौडा थाना पुलिस और जिला अधिकारियों को मामले में जांच करने की मांग की थी। वीरवार को तहसीलदार वीरेंद्र गिल, लेबर इंस्पेक्टर ललित कुमार और थाना मतलौडा प्रभारी ने टीम के साथ भट्ठे पर पहुंचे। जिसमें भट्ठा मालिक पर लगे आरोप निराधार पा गए। पुलिस टीम ने मजदूर नरेश कुमार को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। उसने पुलिस को बताया कि उसने लोगों के बहकावे में आकर शिकायत दी थी। भट्ठा मालिक अनिल कुमार ने बताया कि उन पर मजदूरों द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। भट्ठे पर काम करने के लिए 5.40 लाख रुपये में नया ट्रैक्टर लेकर दिया था। मजदूरों को करीब तीन लाख रुपये नकद दिए हैं। मजदूरों ने लगभग तीन लाख रुपये का कार्य किया गया है।
तहसीलदार वीरेंद्र गिल ने बताया कि अटावला गांव में रामकुमार भट्ठा कंपनी पर मजदूरों को बंधक बनाना और मजदूरों से ट्रैक्टर छीनने की सूचना मिली थी। जांच में आरोप निराधार मिले। पुलिस ने मामले में मजदूर नरेश से पूछताछ की तो उसने किसी के बहकावे में आकर यह कार्य करने की बात कही।