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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर और लिपिक पर वृद्ध महिला ने लगाए रिश्वत के आरोप

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खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर संकट की घड़ी छा चुकी है। पहले राशन कार्डों में धांधली कर राशन हड़पने के आरोप में दो इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर को सस्पेंड किया जा चुका है, वहीं अब एक वृद्ध महिला ने बाबरपुर कार्यालय के एक इंस्पेक्टर और लिपिक पर रिश्वत लेकर राशन कार्ड बनाने के संगीन आरोप लगाए हैं। इसकी शिकायत वृद्धा ने उपायुक्त को अपने शपथ पत्र लगाकर दी है।
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शिकायतकर्ता ने बताया कि उससे दो राशन कार्डों को दोबारा चालू करवाने की एवज में 15 सौ रूपये प्रति राशन कार्ड मांगे थे, बाद में हजार रुपये प्रति राशन कार्ड पर सहमति बनी थी, लेकिन इस महीने बाद भी उसके राशन कार्ड चालू नहीं किए गए। जब उसने संबंधित कर्मचारियों से पैसे वापस मांगे तो उल्टा उसी पर कर्मचारियों ने रिश्वत देने के आरोप लगाते हुए अंदर करवाने की धमकी दे डाली।
वहीं अधिकारियों ने भी शिकायतकर्ता की शिकायत पर मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बतया कि अगर जांच में कर्मचारियों पर आरोप सिद्ध होते हैं, तो उनपर विभागीय कार्रवाई होगी।
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ये है मामला
शिकायकर्ता वार्ड नंबर 7, अशोक विहार कॉलोनी बाला सैनी ने बताया कि वह एक गरीब औरत है और मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करती है। उसने करीब 10 माह पहले बाबरपुर में नत्थु स्वीटस के पीछे खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी को अपने राशन कार्ड दोबारा चालू करवाने के लिए आवेदन दिया था। यहां इंस्पेक्टर विनोद ने निखिल के हवाले से उससे एक राशन कार्ड चालू करवाने की एवज में 1500 रुपये मांगे। इसके बाद निखिल प्रति राशन कार्ड के बदले एक हजार रुपये लेने के बाद कार्ड को चालू करवाने पर सहमत हो गया। जिसके बाद पीड़िता से 700 रुपये नकद और 1300 रुपये बाद में लेने का वादा तय हुआ। इसके बाद भी दस महीने से वह कई बार खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के चक्कर काट रही है, लेकिन उसे उसका राशन कार्ड नहीं मिला।
इसके बाद जब उसने दोनों विभाग कर्मचारियों से अपने पैसे वापस मांगे तो उसे वहां से निकाल दिया गया। यहां तक उसे रिश्वत देने के आरोप में अंदर करवाने की धमकी भी दी। जिसकी शिकायत पीड़िता ने उपायुक्त को दी है। शिकायतकर्ता ने शिकायत के साथ अपने शपथ पत्र तक दिए हैं।
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वर्जन-
मामला गंभीर हैं। इस प्रकार की शिकायत पर जांच की जाएगी। अगर आरोप सिद्ध हुए तो विभाग कर्मचारियों के प्रति कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
- अनीता खर्ब, डीएफएससी, पानीपत।
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