पानीपत। पुराने अड्डे से लंबे और छोटे रूट की बसों का संचालन बंद करने के बाद अब ग्रामीण रूट के बूथों में बदलाव किया गया। अब पुरानी रोडवेज बस निकासी गेट की जगह आगमन गेट की तरफ बने बूथों पर लगेंगे। चालक-परिचालक निकासी गेट से बस ना निकाले, इसलिए यहां कंडम बसें खड़ी करके रास्ता बंद कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि एक सितंबर से लंबे और छोटे रूट की रोडवेज बसों का संचालन नए बस स्टैंड से किया जा रहा है। पुराने अड्डे से सिर्फ शामली, जींद और लोकल ग्रामीण रूटों की बसें चलाई जा रही है। अन्य रूटों पर चलने वाली बसों के पुराने अड्डे में अंदर नहीं आने के आदेश जारी हो गए हैं। अब अन्य रूटों की बसों का संचालन सिर्फ एलिवेटिड से किया जा रहा है। पुराने अड्डे पर निर्धारित रूटों के अलावा सिटी बसों को ही आने की अनुमति है।
सुबह साढ़े चार बजे से मिलेगी सिटी बस
रात के समय बसों को पुराने अड्डे पर वर्कशॉप में खड़ा किया जाता है। चालक-परिचालक सुबह की शिफ्ट में किसी भी रूट की बस को लेकर नए बस अड्डे के लिए जाएंगे, तो उस बस को सिटी बस के रूप में इस्तेमाल करेंगे। पुराने अड्डे पर मौजूद सवारियों को बैठाते हुए बस नए अड्डे पर ले जानी होगी। सुबह साढ़े चार बजे चालक-परिचालक लंबे रूट की बसों काे वर्कशॉप से ले जाना शुरु कर देते हैं।
वर्जन
बसों का संचालन नए अड्डे से किया जा रहा है। शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए सरकार के आदेशों पर बदलाव किए गए हैं। बसों के संचालन से अगर यात्रियों को कोई परेशानी होती है, तो डिपो में शिकायत दे सकते हैं।
कुलदीप जांगड़ा, महाप्रबंधक पानीपत रोडवेज डिपो