पानीपत में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष और निगम पार्षद दुष्यंत भट्ट ने नगर निगम के सरकारी दौरे का बहिष्कार किया है। यह दौरा बंगलूरू, चेन्नई और दिल्ली जाना था। उन्होंने दौरा स्थगित करने का कारण नगर निगम के विकास में भेदभाव बरतना बताया है।
उन्होंने नगर निगम के आयुक्त को पत्र लिखकर इस बारे अवगत करा दिया है। यहीं नहीं उन्होंने विकास कार्य न होने पर हर सरकारी कार्यक्रम में शामिल न होने का फैसला लिया है।
वार्ड-24 के भाजपा पार्षद दुष्यंत भट्ट ने उपायुक्त को लिखे पत्र में कहा कि पानीपत को बाहरी कॉलोनियों की जनसंख्या के आधार पर नगर निगम बनाया है, लेकिन अब विकास के नाम पर इस क्षेत्र को अवैध बताया जा रहा है। नगर निगम अधिकारी अब तक नगर परिषद की सीमा को ही नगर निगम मान रहे हैं, जबकि नगर निगम की सीमा का विस्तार चार पहले हो चुका है।
अच्छी सड़कों को तोड़ने का सिलसिला
उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम में नकली बिल पास किए जा रहे हैं और अच्छी भली सड़कों को तोड़ा जा रहा है। कुछ लोग अधिकारियों से मिलकर नगर निगम को लूट रहे हैं। विकास की जरूरत के क्षेत्र को अवैध बताया जा रहा है।
दिल्ली, बंगलूरू और चेन्नई नहीं रोहतक बनवा दो
दुष्यंत भट्ट ने कहा कि वे नगर के विकास कार्यों में हो रहे भेदभाव से आहत हैं। पार्षद बनाते समय जनता को उम्मीद थी। लेकिन निगम के अधिकारी और कर्मचारी वार्ड को अनदेखा कर रहे हैं। प्रशासन की लापरवाही से डेंगू कई लोग पीड़ित हैं और दो की मौत हो चुकी हैं। ऐसे में वे इस दौरे का बहिष्कार करते हैं। उनकी सोच भ्रमण से पहले क्षेत्र का विकास करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पानीपत को बंगलूरू, दिल्ली और चेन्नई बनाने के बजाय रोहतक की बना दें तो बेहतर रहेगा।
निगम को ड्रेन के धरातल का पता तक नहीं
दुष्यंत भट्ट ने कहा कि 15 साल से ड्रेन नंबर एक की गंगाराम कॉलोनी से सफाई नहीं हुई है। निगम अधिकारियों को ड्रेन नंबर एक के शुरुआती प्वाइंट तक की जानकारी नहीं है। प्रशासन को भी लाखों लोगों की परवाह नहीं है। उनके वार्ड के अंडरपास मामले में भाईचारा खराब कराने का प्रयास किया जा रहा है।
दो माह में विकास नहीं हुआ तो वे जनता के साथ मेयर व आयुक्त के पास आकर हिसाब मांगेंगे। हर घर से एक व्यक्ति लघु सचिवालय पर पहुंचेगा। इसका नाम न्याय युद्ध होगा। यह अवधि जनवरी माह में पूरी होगी। उनके पास इसके अलावा कोई रास्ता नहीं है।
वार्ड का अवैध हिस्सा बताएं
दुष्यंत भट्ट ने आयुक्त को दूसरा पत्र देकर वार्ड 24 के वैध और अवैध होने की जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा कि उनके वार्ड में गंगाराम कॉलोनी, हरिनगर, रामपुरा, गाबा कॉलोनी, डेरे, सिद्धार्थ नगर और बिल्लू कॉलोनी आती हैं। यहां की आबादी 50 हजार और मतदाता नौ हजार है। नगर निगम अनुसार कौन सी कॉलोनी वैध और कौन सी कॉलोनी अवैध है। प्रशासन इस बात को स्पष्ट करें, जिससे वे बाहरी कॉलोनियों का विकास करा सकें। नगर निगम के रिकार्ड में ये सब कॉलोनी अवैध हैं तो इसकी भी पूरी जानकारी लिखित में दी जाए।