पानीपत। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने धान के तोल में प्रति बैग करीब एक किलोग्राम का टांका लगाने का आरोप लगाते हुए सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान यूनियन ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। यूनियन का विज्ञापन लेने के लिए एसडीएम विवेक चौधरी पहुंचे, लेकिन यूनियन ने इनकार कर दिया। इसके बाद डीसी ने यूनियन नेताओं से बात की और समाधान का भरोसा दिया। यूनियन ने समाधान न होने पर 28 अक्तूबर को लघु सचिवालय पर पराली फूंकने और प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
भाकियू ने सोमवार को लघु सचिवालय पर सांकेतिक धरना दिया। इसकी अगुवाई जिला प्रधान जयकरण कादियान और संचालन उपाध्यक्ष बिंटू मलिक ने किया। एसडीएम विवेक चौधरी भाकियू के धरने की सूचना पर उनकी समस्या सुनने पहुंचे, लेकिन यूनियन ने उन्हें समस्याएं बताने से इनकार कर दिया। कहा कि वे एसडीएम के सामने कई बार पहले समस्याओं को रख चुके हैं। उन्हें आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिलता। इसके बाद डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे किसानों के धरने पर पहुंचे।
उन्होंने किसानों की समस्या सुनकर समाधान का भरोसा दिया। नेताओं ने कहा कि यूनियन जिले की सब मंडियों का दौरा कर चुकी है। दावा किया कि मंडियों में धान के प्रति बैग पर एक किलोग्राम तक का टांका लगाया जा रहा है। कमेटी अधिकारी एजेंसियों के साथ मिले हुए हैं। सरकार और प्रशासन सब कुछ जानकर भी अनजान बना हुआ है। इससे यूनियन और किसानों में रोष है। यूनियन ने बताया कि मंडियों में करीब 15 दिनों से किसानों को भुगतान नहीं किया जा रहा है।
जबकि, सरकार 72 घंटे में भुगतान का दावा करती है। इसकी उच्च स्तरीय जांच करवाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएं। किसानों को सस्ते रेट पर दवाई, खाद समय पर उपलब्ध कराया जाएं। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को तुरंत लागू करें। किसानों की बीमारी के चलते खराब हुई फसल के मुआवजे का भुगतान किया जाए। फसल बीमा योजना में सुधार किया जाए। किसानों के साथ फसल बीमा में जबरदस्ती नहीं की जाए। इस मौके पर महासचिव प्रेम सिंह देशवाल, ईश्वर सिंह, ओमप्रकाश जाटल, ब्लॉक प्रधन सतपाल राणा, सुरेंद्र मलिक, सुंदर पाल, मनोज पलड़ी, किरण रावल महिला प्रधान, बाला देवी महिला प्रधान, तेजपाल रावल, रामकुमार आट्टा, राममेहर सूबेदार, जनेश्वर आदि मौजूद रहे।