पानीपत। भारतीय किसान यूनियन सरकार ने कर्जदार किसानों के फोटो सार्वजनिक करने के विरोध में सड़क पर उतर आई और सरकार विरोधी नारेबाजी की। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने ने सनौली रोड स्थित सहकारी बैंक पर ताला जड़ दिया। भाकियू ने आरोप लगाया कि नौ हजार करोड़ रुपये लेकर भागने वाले को वापस नहीं लाया जा रहा और कर्ज में डूबे गरीब किसानों के फोटो सार्वजनिक किए जा रहे हैं। सरकार ने ऐसा कर अपनी नीतियों को सबके सामने रख दिया है। भाकियू ने किसानों के फोटो सार्वजनिक करने वाले बैंक अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन ने मंगलवार को सनौली रोड स्थित सहकारी बैंक के बाहर सुबह 11 जोरदार प्रदर्शन करते हुए बैंक पर ताला जड़ दिया। यूनियन ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला उपाध्यक्ष बिंटू मलिक ने आरोप लगाए कि सरकार किसान विरोधी नीतियां अपना रही है। फसल बीमा योजना किसानों पर जबरन लागू करना चाहती है। सरकार ने कर्जदार किसानों के नाम और फोटो सार्वजनिक करके अपनी नीयत साफ कर दी है। भाजपा सरकार ने किसानों को आर्थिक तौर पर बर्बाद कर दिया है।
उन्होंने कहा कि यह सरकार किसान विरोधी रही है और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने के सब दावे फेल हो गए हैं। इसी पार्टी के नेता स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग की। भाकियू ने पुलिस अधिकारियों से बैंक प्रबंधक पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। यूनियन ने मांग कि है किसानों को फसलों का लाभकारी मूल्य दिया जाए। जिन बैंक अधिकारियों ने किसानों के नाम सार्वजनिक किए हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएं, किसानों को कर्ज मुक्त किया जाए, स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू किया जाए। इससे पहले सुबह असंध रोड नजदीक किसान भवन में किसान पंचायत का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष बिंटू मलिक ने की। किसान जुलूस के रूप में सरकार विरोधी नारेबाजी करते जीटी रोड से होते हुए सनौली रोड स्थित सहकारी बैंक के सामने पहुंचे।