पानीपत। किशनपुरा के लोगों ने परिजनों के साथ मिलकर बीएड छात्रा पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर जीटी रोड जाम कर दिया और पुलिस कार्रवाई पर रोष व्यक्त किया।
पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंच परिजनों को एसपी से मुलाकात कराने का भरोसा दिलाकर करीब पौन घंटे बाद जाम खुलवाया। इस दौरान जीटी रोड की दिल्ली-पानीपत लेन पर लंबा जाम लग गया। वाहन चालकों को कई घंटे की मशक्कत के बाद राहत मिली। बाद में मुलाकात के दौरान एसपी ने परिजनों को 24 घंटे तक आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है।
बीएड छात्रा पर हमले के 11वें दिन भी आरोपियों तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर परिजन कॉलोनीवासियों को साथ लेकर काली पट्टी बांधकर सड़क पर उतर गए और पुलिस विरोधी नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी संजय चौक पर 12:30 बजे पहुंचे और यहां पर जीटी रोड के बीच में बैठ गए। यहां पर लोगों ने पुलिस के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। जीटी रोड की दिल्ली-पानीपत लेन और सनौली रोड पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई और कुछ ही देर में इसका असर दूसरी लेन पर भी पड़ने लगा। सूचना मिलते ही थाना शहर प्रभारी विशाल कुमार मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन परिजनों ने एसएचओ की बातों को अनसुना कर दिया। परिजनों के अड़ियल रवैये के आगे एसएचओ की नहीं चलने पर डीएसपी बदन सिंह राणा मौके पर पहुंचे।
उनके जाने के कुछ देर बाद मॉडल टाउन और चांदनी बाग थाना पुलिस भी पहुंच गई। डीएसपी ने दोनों हमलावरों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया। लेकिन परिजनों ने उनको भी अनसुना कर दिया। यहां पर पुलिस और परिजनों में काफी देर तक वाक युद्ध हुआ। इसके बाद परिजन एक बजकर 20 मिनट पर जीटी रोड के एक हिस्से से हटे और एक तरफ होकर पुलिस अधिकारियों को न्याय दिलाने की बात कही।
यहां से वे प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। जहां पर एसपी ने प्रदर्शनकारियों को दोनों आरोपी हमलावरों को 24 घंटे तक गिरफ्तार करने का भरोसा दिलाया। परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर उग्र प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
पुलिस का सिपाही तक नहीं पहुंचा
छात्रा के पिता रामनिवास ने बताया उनकी बेटी पर हमला करने के आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग लेकर सीएम और उनकी धर्मपत्नी आशा हुड्डा तक मिल चुके हैं। दोनों पुलिस अधिकारियों से बात कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया था। लेकिन हमले के ग्यारहवें दिन भी आरोपी पुलिस पकड़ से बाहर हैं। पुलिस अधिकारी तो दूर एक सिपाही तक उनके परिवार तक नहीं पहुंचा है।
दादा बोले हमें इंसाफ चाहिए
छात्रा के दादा रामचंद्र ने बताया कि वह 11 दिन से अपनी पोती के पास है। उसके सिर में घाव होने से एक पैर खराब हो गया है। अंगुली में भी गहरे घाव हैं और रॉड डाली गई है। उनको इंसान उसकी पोती पर हमले का इंसाफ चाहिए। पुलिस को आरोपियों को गिरफ्तार करना होगा।
कमेटी सदस्य दूर खड़े देखते रहे
छात्रा पर हमले के मामले में न्याय के लिए 11 सदस्यीय कमेटी का गत दिनों गठन किया था। इसके बाद सदस्य एक बार एसपी से मिले थे। मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान कमेटी सदस्य दूर खड़े होकर नजारा देखते रहे। एक सदस्य ने तो पुलिस की तरफ से परिजनों को समझाने का भी प्रयास किया। लेकिन उसके दादा रामचंद्र ने उसको सबके बीच खरी खोटी सुना दी। जिसके बाद वे दूर खड़े हो गए।
ये है मामला
किशनपुरा निवासी बीएड की एक छात्रा पर 15 नवंबर को समालखा के मनाना रोड स्थित बीएड कॉलेज के पास मोटरसाइकिल सवार दो युवकोें ने कुल्हाड़ी से हमला किया था। वह अपनी सहेली के साथ ऑटो से उतरकर कॉलेज की तरफ जीटी रोड पार कर रही थी। उसको शहर के एक अस्पताल में दाखिल कराया था। कुछ दिनों बाद हालत बिगड़ने पर पीजीआई में दाखिल कराया गया। जहां पर उसका उपचार चल रहा है। पुलिस ने बयानों के आधार पर सुमित और हरिकिशन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में 120बी के तहत कई आरोपियों को काबू किया है। लेकिन मुख्य आरोपी फिलहाल गिरफ्त से बाहर हैं। लोगों में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर रोष है।