पानीपत
के जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम पानीपत ने पानीपत अर्बन सहकारी बैंक के
खिलाफ एक शिकायत पर सुनवाई करते हुए तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
जुर्माने का भुगतान एक माह में करना होगा।
मामले के अनुसार शिकायत कर्ता
शोधार्थी नवीन जैन ने पानीपत अर्बन सहकारी बैंक की जीटी रोड शाखा से
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, कुरुक्षेत्र के नाम 150 रुपये का ड्राफ्ट बनवाया
था। इसे यूनिवर्सिटी ने डिमांड ड्राफ्ट न मनाते हुए चेक करार दिया।
विवि
ने इसे शोधार्थी को वापस करते हुए लिखा कि विश्वविद्यालय नियमानुसार
माइग्रेशन के लिए केवल बैंक ड्राफ्ट ही मान्य है। इस पर शोधार्थी ने
यूनिवर्सिटी के आदेशानुसार अन्य बैंक का ड्राफ्ट यूनिवर्सिटी को भेज कर
माइग्रेशन को हासिल कर लिया और दूसरी तरफ बैंक के खिलाफ जिला उपभोक्ता
विवाद निवारण फोरम में शिकायत कर दी।
इस पर फोरम ने कुरुक्षेत्र
यूनिवर्सिटी के जवाब दावे से संतुष्ट होते हुए माना कि पानीपत अर्बन सहकारी
बैंक ने जो कथित ड्राफ्ट यूनिवर्सिटी के नाम जारी किया था, वह वास्तव में
ड्राफ्ट नहीं, बल्कि चेक है।
बैंक ने भी अपने जवाब दावे में ड्राफ्ट न होने
की बात अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार कर ली। इस पर फोरम ने सभी पक्षों को
सुनने के बाद पानीपत अर्बन सहकारी बैंक पर तीन हजार का जुर्माना लगाया है।