निजीकरण के विरोध प्रदेश भर में सोमवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर सभी 19 राष्ट्रीयकृत बैंक के साथ ही इनकी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित शाखाओं के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस हड़ताल के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बैंक यूनियन राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण के विरोध में कर्मचारी हड़ताल पर उतरे हैं। पहले दिन पानीपत में करीब 500 करोड़ रुपये की राशि का लेनदेन प्रभावित हुआ। मंगलवार को भी बैंकों की हड़ताल रहेगी।
शनिवार और रविवार का अवकाश होने के चलते बैंक जहां बंद रहे, वहीं सोमवार को राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण के फैसले के विरोध में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक समेत सभी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हड़ताल का आह्वान बैंक कर्मचारियों की नौ यूनियनों के यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने किया है। सभी प्राइवेट बैंकों में हर रोज की तरह बैंकिंग सेवा की गई। वहीं भारतीय स्टेट बैंक एवं अन्य बैंकों के स्ट्रांग रूम हड़ताल के कारण बंद रहे और प्राइवेट बैंकों को नगदी का आवंटन नहीं हुआ। इसके चलते सुबह करीब 11 बजे सभी प्राइवेट बैंकों में नगदी खत्म हो गई। इसके चलते प्राइवेट बैंकों में नगदी की देनदारी बंद हो गई और उपभोक्ताओं की नगदी जमा की गई। बैंकों में हड़ताल व प्राइवेट बैंकों में नकदी की देनदारी नहीं होने के चलते एटीएम मशीनों पर नगदी लेने वालों की भीड़ लगी रही। मंगलवार को भी बैंकों के निजीकरण के विरोध में भी राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे, इसके चलते नकदी का लेनदेन पूरी तरह से बंद रहेगा, प्राइवेट बैंकों में नकदी जमा करने का ही काम अधिक होगा।