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पानीपतः बैंक में करोड़ों की लूट से सुरक्षा पर उठे सवालिया निशान, न सीसीटीवी न ही अलार्म बजा

Tue, 13 Aug 2019 09:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पानीपत(हरियाणा)
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
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पंजाब एंड सिंध बैंक के लॉकर रूम से टूटे 6 लॉकरों की घटना ने प्रदेश में तहलका मचा दिया है। इससे जहां लॉकर मालिकों की पेशानी पर बल पड़ते जा रहे हैं वहीं बैंक की लापरवाही भी इसमें सामने आई है, जिससे बैंक अधिकारियों के गले से निवाला नहीं उतर पा रहा है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गाइडलाइंस के अनुसार बैंक ने लॉकर या स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के मानक ही पूरे नहीं किए हैं। जिससे बैंक अधिकारियों पर खुद सवालिया निशान बन गए हैं।
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वहीं बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी सवालों को दरकिनार करते हुए बैंक में सुरक्षा संबंधी पूरे इंतजाम होने का दावा भी किया है, लेकिन पुलिस उनकी पोल खोल दी। पुलिस का कहना था कि बैंक के पास गाइडलाइंस के मुताबिक सीसीटीवी की हार्ड डिस्क ही नहीं थी। रिकार्डिंग कहीं सेव ही नहीं हो रही थी। उधर, बैंक अधिकारियों ने बताया कि अगर किसी स्थिति में पुलिस सामान बरामद नहीं कर पाती है तो बैंक की गाइडलाइन के अनुसार उन्हें क्षतिपूर्ति बैंक द्वारा दी जाएगी, इसके लिए उन्हें अपने सामान का क्लेम भी करना पड़ेगा।

आरबीआई गाइडलाइनस के इन सुरक्षा मानक में दिखी चूूक, अलार्म नहीं बजा
बैंक के अंदर सीसीटीवी मात्र दिखावे के थे, इनमें हार्ड डिस्क ही नहीं थी। इसलिए कुछ रिकार्ड ही नहीं किया जा सकता। दूसरा बैंक के पास सिक्योरिटी सिस्टम भी नहीं है या खराब है। अगर बैंक का सिक्योरिटी सिस्टम सही काम कर रहा होता तो बैंक का अलार्म बजता और चोर समय पर ही पकड़े जाते। बताया जाता है कि अगर लॉकर के अंदर एक चूहा तक घुस जाए तो सिक्योरिटी सिस्टम एक्टिव होकर अलार्म बजाते हैं, लेकिन इस घटना में कोई अलार्म नहीं बजा। सुरंग बनाकर पहले भी वारदात, छत काटकर लॉकर रूम में घुसने की पहली वारदात
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गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रदेश में इस प्रकार से बैंक लूट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें ज्यादातर जमीन से रास्ता या सुरंग बनाकर इसी घटनाओं को अंजाम दिया गया है, लेकिन किसी बैंक की छत से सेंध लगाकर चोरी करने का यह पहला मामला सामने आया है। इससे पुलिस प्रशासन भी सख्ते में है।

 
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ऐसे मिलेेगा चोरी हुआ माल

अगर पुलिस चोरी हुए इस सोने का बरामद कर पाती है तो उसके लिए उपभोक्ताओं को इसके लिए क्लेम करना होगा। उन्हें पुलिस को अपने आभूषण, सोने व नकदी या अन्य चीजों के कागजात दिखाने होंगे। अगर चोर गिरफ्तार नहीं हो पाते या माल बरामद नहीं होता तो उस एवज में बैंक इन उपभोक्ताओं को क्षतिपूर्ति से संतुष्ट करेगा। लेकिन इन दोनों स्थितियों में ग्राहकों को अपने सामान के क्लेम के लिए दस्तावेज सामने रखने होंगे।

सीसीटीवी हैं हार्ड डिस्क नहीं
बैंक के अंदर सीसीटीवी कैमरे तो लगे थे, लेकिन उनमे हार्ड डिस्क नहीं थी। इसलिए कुछ रिकार्ड ही नहीं हो पाया। पुलिस मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है। चोरी माल कैसे मिलेगा इसके बारे में बात में बताया जाएगा। अभी इसके बारे में कुछ नही कहा जा सकता। बैंक मैनेजर की तरफ से शिकायत आई है, लेकिन किस का कितना नुकसान हुुुआ, ये जानकारी नहीं है।
- बलबीर सिंह, किला थाना प्रभारी।

सुरक्षा इंतजाम पूरे, क्षतिपूर्ति मिलेगी
बैंक में आरबीआई की गाइडलाइनस के अनुसार सुरक्षा के पूरे इंतजाम हैं। वहां स्ट्रांग रूम के चारों तरफ कंक्रीट की दीवार और लोहे की बार लगी हैं। अलार्म एवं सिक्योरिटी सिस्टम सही है। सीसीटीवी सही काम कर रहे हैं। अगर पुलिस चोरी माल को बरामद कर लेती है, तो ग्राहक उसका क्लेम कर सामान वापस ले सकता है। अगर पुलिस चोरी माल बरामाद नहीं कर पाती तो बैंक ग्राहक की क्षतिपूर्ति करेगा।
- संजय पी श्रीवास्तव, जोनल हेड पंचकूला, पंजाब एंड सिंध बैंक।
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