आयुष्मान योजना के तहत 1401 मरीजों को मिला इलाज
जिले में आयुष्मान भारत के 75 हजार 392 पात्र परिवार हैं। इन परिवारों से करीब पौने चार लाख सदस्य योजना से जुड़े हैं। सभी का गोल्डन कार्ड बनना है, ताकि पैनल में शामिल 35 सरकारी-प्राइवेट अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का सालाना फ्री इलाज करा सकें। अब तक लगभग 55 हजार पात्रों के ही गोल्डन कार्ड बने हैं। पात्रों की सुस्ती तोड़ने के लिए ही सक्षम युवाओं की मदद से चौपालों पर जागरुकता कार्यक्रम किए जा रहे हैं। करीब 25 सौ गोल्डन कार्ड आधार से लिंक नहीं हो सके हैं।
आयुष्मान भारत योजना के पैनल में सिविल अस्पताल, ईएसआई अस्पताल, चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दो अर्बन हेल्थ सेंटर सहित 35 अस्पताल हैं। अब तक 1401 मरीज 4 करोड़, 24 लाख, 20 हजार रुपये का इलाज करवा चुके हैं। सिविल अस्पताल में भी 50 मरीज 5 लाख तक का इलाज करवा चुके हैं।
आयुष्मान योजना के 75,392 परिवार पात्र
जिले में 75 हजार 392 पात्र परिवार हैं। 54 हजार 99 के गोल्डन कार्ड बने हैं। प्राइवेट अस्पतालों में अब तक 1401 मरीज 2 करोड़ 24 लाख 20 हजार 382 रुपये का इलाज करा चुके हैं। सिविल अस्पताल में 50 मरीज करीब पांच लाख रुपये तक का इलाज करा चुके हैं।
कामयाब रही है आयुष्मान योजना : डॉ. सुनेजा
आयुष्मान योजना काफी सफल योजना रही है। पात्र इसका लाभ ले रहे हैं। इस बारे में मरीजों की शिकायतें भी काफी कम रही है। इस योजना के बारे में जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने समय समय पर गांवों व कॉलोनियों में कैंप लगाकर इसकी जानकारी दी हैं। इस योजना के तहत सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के साथ साथ 35 निजी अस्पताल पैनल पर हैं।
डॉ. नवीन सुनेजा, जिला नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत।