पानीपत। दीपावली महोत्सव की शुरूआत कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी अर्थात धनतेरस से कार्तिक शुक्ल द्वितीया अर्थात भाई-दूज तक रहती है।
ज्योतिषाचार्य पंडित जयपाल शर्मा बताते हैं कि अबकी बार धनतेरस पर 27 साल बाद शुभ नक्षत्रों का संयोग बन रहा है। भगवान धन्वंतरि का प्रदुर्भाव इस दिन हुआ था। माता लक्ष्मी भी इसी दिन प्रकट हुई थीं। इसलिए धनतेरस का यह पर्व माता लक्ष्मी के प्रतीक रूप में मनाते हैं। धनतेरस पर 22 अक्तूबर शाम 6:02 बजे से धन चतुर्थी का आरंभ हो रहा है जो 23 अक्तूबर शाम 6:03 बजे तक रहेगा। इसलिए अबकी बार धनतेरस का यह महापर्व 2 दिन मनाया जाना है। क्योंकि, सनातन धर्म में आरंभ होने वाले उदया तिथि को माना जाता है। इसलिए अबकी बार धनतेरस में साईं काल में दो दिन तक खरीदारी कर सकते हैं।
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- 24 अक्तूबर को होगी छोटी-बड़ी दिवाली
इस बार 23 अक्तूबर की शाम 6:04 बजे से चतुर्दशी तिथि शुरू हो जाएगी, जो अगले दिन 24 अक्तूबर को शाम 5:28 तक रहेगी। छोटी दिवाली यानी नरक चतुर्थी और हनुमान जन्मोत्सव 24 अक्तूबर को मनाए जाएंगे। 24 अक्तूबर को ही शाम 5:28 बजे अमावस्या तिथि लग जाएगी। यह अमावस्या तिथि 25 अक्तूबर की शाम को 4:19 बजे तक रहेगी। चूंकि 25 अक्तूबर को प्रदोष काल से पहले ही अमावस्या समाप्त हो जाएगी, इसलिए इस बार दिवाली का त्योहार 24 अक्तूबर को ही मनाया जाएगा। लक्ष्मी पूजन भी 24 अक्तूबर को ही होगा।