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छात्रा के अपहरण का प्रयास, भाई को ले गए

Wed, 04 Dec 2013 11:45 PM IST
अमर उजाला, पानीपत
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पानीपत के गांव ढोडपुर में स्कूल जा रही छात्रा के अपहरण का विरोध करने पर बदमाश उसके भाई को गाड़ी में डाल ले गए और उसके साथ मारपीट कर शारीरिक तौर पर भी प्रताड़ित किया। बाद में उसे गांव के पास फेंक गए।
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परिजनों की महिला हेल्पलाइन पर शिकायत देने के बाद पुलिस हरकत में आई। पीड़ित छात्र को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया है।

मामला बुधवार सुबह थाना समालखा के अंतर्गत गांव ढोडपुर के किवाना रोड का है। ढोडपुर निवासी एक युवक अपनी बहन के साथ पैदल ही राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल किवाना जा रहा था। वे गांव से निकले ही थे कि गांव की तरफ से एक गाड़ी आई और उसमें गांव का ही एक युवक और दिल्ली में रहने वाला उसका रिश्तेदार सवार थे।

आरोप है कि उन दोनों ने उसकी बहन के अपहरण करने का प्रयास किया। वह दौड़कर मौके पर पहुंचा और उनसे अपनी बहन को छुड़ा लिया। उन दोनों ने उसकी बहन को छोड़ दिया और उसको गाड़ी में उठा ले गए और दूसरी तरफ से घूमकर गांव से कुछ दूरी पर पहुंच गए। यहां पर गांव के चार अन्य लड़के मिले। उन सबने उसको डंडों से बुरी तरह से पीटा और जमकर प्रताड़ित किया।
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इसी बीच सिर में डंडे के वार से वह बेसुध हो गया। इस पर बदमाश उसे गांव के ही नजदीक फेंक गए। ग्रामीणों ने उसके घायल होने की सूचना परिजनों को दी। परिजनों ने मामले की जानकारी 1091 पर दी और युवक को अस्पताल में दाखिल कराया। जहां पर डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू कर दिया।

भाई की तलाश में भटकी बहन
छात्रा ने बताया कि उसने कुछ दूरी तक गाड़ी का पीछा किया। लेकिन वह थक गई। वह स्कूल जाने के बजाय पास ही एक डेरे में भाई की तलाश में पहुंची। आरोपियों और उसके भाई का वहां पर कोई सुराग नहीं लगा। यहां से वह घर पहुंची और अपने परिजनों को सारा घटनाक्रम बताया।

इसके बाद वे उसकी तलाश में निकले। छात्रा ने आरोप लगाया कि गांव का युवक कई दिन से उसका पीछा कर रहा था। वह छात्राओं के साथ होने के कारण वारदात को अंजाम नहीं दे सका और बुधवार को वह दूसरी छात्राओं से पीछे रह गई। गांव के युवक ने अकेली समझ वारदात को अंजाम देना चाहा।

दो दिन में दूसरी बार लापरवाही
पुलिस और डॉक्टरों की दो दिन में यह दूसरी बड़ी लापरवाही मिली। परिजनों का आरोप है कि 1091 पर सूचना देने के बाद भी पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। वे एक बार उनके पास आकर दूसरी बार मामले को जानने तक नहीं पहुंचे।

वहीं डॉक्टर उसका उपचार करने के बजाय उनके चक्कर लगवाते रहे। परिवार का आरोप है कि वे रविंद्र को लेकर सीधे सिविल अस्पताल पानीपत पहुंचे थे। यहां पर डॉक्टरों ने मामला समालखा गांव का बताया और वहीं पर भेज दिया। वे समालखा पहुंचे। लेकिन वहां पर कोई डॉक्टर नहीं मिला। वहां से स्वास्थ्यकर्मियों ने उनको पानीपत सिविल अस्पताल रेफर कर दिया।

मनचलों की छात्राओं पर नजर
मनचले छात्राओं के प्रपोज ठुकराने पर जानलेवा हमला और अपहरण तक का प्रयास करने का हौसले में हैं। जिले में छात्राओं पर हमले और अपहरण के प्रयास की 20 दिन में दूसरी वारदात है। इससे पहले 15 नवंबर को बीएड छात्रा शिवानी पर समालखा के मनाना मोड़ स्थित बीएड कॉलेज में जाते समय हमला कर दिया था।

छात्रा शिवानी ने आरोपी का प्रपोज ठुकरा दिया था। जिससे क्षुब्ध युवक ने बीएड छात्रा पर जानलेवा हमला कर दिया। वह गंभीरावस्था में पीजीआई में दाखिल है। पुलिस परिवार के लोगों के संघर्ष के चलते 12वें दिन आरोपियों को गिरफ्तार कर सकी।
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