इसराना। उपमंडल के गांव छिछड़ाना निवासी एवं 33वीं असम राइफल्स के जवान शमशेर (58) का मणिपुर में ड्यूटी के दौरान हृदय गति रुकने से निधन हो गया। मंगलवार शाम करीब साढ़े छह बजे उनके पैतृक गांव छिछड़ाना में पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंबाला से पहुंची सेना की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम विदाई दी।
परिजनों ने बताया कि मणिपुर में तैनात जवान शमशेर की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए कमांड अस्पताल कोलकाता ले जाया गया। यहां उन्होंने अंतिम सांस ली। वर्ष 1992 में सेना में भर्ती हुए शमशेर के निधन की खबर मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। 1985 में पिता के निधन के बाद उन्होंने ही परिवार की जिम्मेदारी संभाली थी।
शमशेर अपने पीछे 80 वर्षीय माता अंगूरी देवी, पत्नी, एक शादीशुदा बेटी और स्नातक की पढ़ाई कर रहे एक बेटे व बेटी को छोड़ गए हैं। अंतिम संस्कार के समय तहसीलदार इसराना सहित कई प्रशासनिक अधिकारी, पूर्व सैनिक, ग्रामीण व परिजन उपस्थित रहे।
-