पानीपत। सेक्टर-13-17 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार प्रभारी पद से हटा दिया है। उन्हें पुलिस लाइन में भेजा गया है। जिला पुलिस के एएसआई ऋषिपाल की करनाल में हत्या के बाद पहली बड़ी कार्रवाई है। इसके अलावा कई अन्य पुलिसकर्मियों की गतिविधियां भी संदेह के घेरे में हैं। जानकारों का कहना है कि हत्यारोपी का पुलिस के अधिकारियों के साथ प्रॉपर्टी का भी काम था।
पुलिस अधीक्षक पानीपत ने बुधवार को खुफिया विभाग और पुलिस की प्राथमिक जांच के आधार पर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार को हटाया है। उनकी जगह एस्कॉर्ट इंचार्ज इंस्पेक्टर जगजीत सिंह को सेक्टर-13-17 थाने का प्रभारी बनाया गया है। वहीं सीआईए-टू प्रभारी वीरेंद्र सिंह को पुराना औद्योगिक थाना प्रभारी बनाया गया है। उनकी जगह पुराना औद्योगिक थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार को सीआईए-टू प्रभारी लगाया है। वीरेंद्र कुमार पर पिछले सात जुलाई को समालखा के पास प्रियव्रत उर्फ फौजी के भाई का एनकाउंटर करने में आरोप लगे थे। पुलिस अधीक्षक ने इनके अलावा किशनपुरा चौकी इंचार्ज वीरेंद्र को समालखा चौकी प्रभारी लगाया है। यहां एसआईएस प्रमोद कुमार को चौकी प्रभारी लगाया है। एसआई अंग्रेज सिंह को एसआईएस लगाया है। समालखा चौकी प्रभारी हरनारायण को मतलौडा थाले में जांच अधिकारी लगाया है।
बताया जा रहा है कि गैंगस्टर रमेश कुमार उर्फ दुर्जन के दामाद सिवाह निवासी दीपक का प्रॉपर्टी का काम था। बताया जा रहा है कि वह विवादित प्रॉपर्टी को लेता था। वह इन सबके चलते पुलिस कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों के संपर्क में रहता था। उनका सेक्टर-13-17 थाना में सीधे आना-जाना था। वह दिन का अधिकतर समय थाने में ही बिता देता था। इस समय इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार और एएसआई ऋषिपाल के साथ रहते थे। बताया जा रहा है कि ज्योति नगर में एक विवादित प्रॉपर्टी पर पिछले दिनों तारबंदी की गई है। पुलिस गैंगस्टर की प्रॉपर्टी का पता लगा रहे हैं।
सेक्टर-13-17 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर का कार्य संतोषजनक नहीं था। करनाल पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि एएसआई ऋषिपाल का हत्यारोपी दीपक का थाने में आना-जाना था और वे इंस्पेक्टर के पास भी बैठता था। इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इस मामले में करनाल पुलिस आगामी कार्रवाई कर रही है।
- अजीत सिंह शेखावत, एसपी, पानीपत।