महर्षि दयानंद सरस्वती की 200 वीं जन्म जयंती पर हरियाणा आर्य प्रतिनिधि सभा आयोजित करेगी कार्यक्रमों की शृंखला, आर्य प्रतिनिधि सभा के कॉलेजियम व अंतरंग सदस्यों ने की बैठक
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। हरियाणा आर्य प्रतिनिधि सभा की प्रांत स्तरीय बैठक रविवार को स्थानीय आर्य बाल भारती विद्यालय में की गई। जिसमें प्रदेशभर के अंतरंग सदस्य और कॉलेजियम सदस्यों ने भाग लिया। इसकी अध्यक्षता हरियाणा आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान राधाकृष्ण आर्य ने की। गुजरात के राज्यपाल के कार्यकारी अधिकारी डॉ. राजेंद्र विद्यालंकार ने आगामी दो वर्षों तक हरियाणा में होने वाले स्वामी दयानंद सरस्वती जन्म जयंती कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों की शृंखला में नशे के खिलाफ अभियन चलाने का फैसला लिया गया।
प्रांतीय मीटिंग की शुरुआत गायत्री मंत्र के साथ की और समापन शांति पाठ के साथ किया गया। डॉ. राजेंद्र विद्यालंकार ने कहा कि हम सबको महर्षि दयानंद सरस्वती के कार्यों और शिक्षाओं को अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नशाखोरी और अनेक सामाजिक बुराइयां समाज में विद्यमान हैं। उन्हें जड़ से मिटाने के लिए महर्षि दयानंद सरस्वती की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने यह भी कहा कि पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के कारण हमारी प्राकृतिक संपदा और संस्कृति का निरंतर ह्रास हो रहा है। इसे संरक्षण देने के लिए ही आर्य समाज ने इन दो वर्षों के दौरान वैदिक संस्कृति और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर प्रकृति संरक्षण करने का संकल्प लिया है। सभा की प्रचार मंडलियों के माध्यम से जन-जन को जागरूक किया जाएगा। इसके साथ प्राकृतिक खेती के फायदे भी लोगों को बताए जाएंगे। इस अवसर पर स्वामी धर्मदेव, स्वामी ऋषि पाल, उमेद सिंह आर्य, आर्य रणदीप कादियान, राजेंद्र जागलान, रामपाल आर्य, विशाल आर्य, वीरेंद्र, सत्यवान आर्य, नवीन आर्य, रमेश आर्य, राहुल आर्य, और सुमित्रा आर्य ने अपने विचार साझा किए।