पानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत में त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही वायु प्रदूषण का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ने लगा है। बाजारों में खरीदारी के लिए सड़कों पर बढ़े वाहनों के भारी दबाव और बदलते मौसम में तापमान की गिरावट के चलते शहर की हवा में धूल व धुएं का असर गहराने लगा है। रविवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बढ़कर 265 दर्ज किया गया। यह खराब श्रेणी में आता है।
तीन दिन पहले बारिश के बाद मौसम साफ हो गया है। इसके साथ ठंड भी बढ़ गई है। रविवार को अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया गया। पिछले कई दिन से बाजार में लगातार खरीदारी बढ़ गई है। इसके अलावा फैक्टरी की चिमनी लगातार चल रही हैं। मौसम में ठंडक बढ़ते ही शहर का वायु गुणवत्ता स्तर लगातार बिगड़ता जा रहा है। 16 अक्तूबर को एक्यूआई 212
और 17 अक्तूबर को 238 पर था। यह 18 अक्तूबर रविवार को 265 पर पहुंच गया। तीन दिनों में एक्यूआई में हुई इस बढ़ोतरी ने प्रशासनिक तैयारियों और आमजन की सेहत पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
खराब श्रेणी में आता है एक्यूआई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मानकों के अनुसार 201 से 300 के बीच का एक्यूआई खराब श्रेणी में माना जाता है। इस स्तर पर हवा जहरीली होने लगती है और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ग्रैपप्रणाली का पहला चरण लागू हो जाता है। इस स्थिति में बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और सांस या दिल की बीमारी से पीड़ित मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। घर से बाहर निकलते समय एन-95 मास्क अवश्य पहनना चाहिए। हवा में प्रदूषण के कण सुबह के समय अधिक नीचे होते हैं, इसलिए आउटडोर एक्सरसाइज या मॉर्निंग वॉक से परहेज करें। सड़कों पर जाम और धुएं से बचने के लिए सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें। भरपूर पानी पीएं और फल व हरी सब्जियों का सेवन करें ताकि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बनी रहे। संवाद
वर्जन
त्योहारी सीजन में वाहनों के बढ़ते दबाव और मौसम में बदलाव के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बोर्ड द्वारा निर्माण स्थलों पर पानी के छिड़काव और धूल नियंत्रण के कड़े निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कुलदीप, एसडीओ, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।