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Panipat News: डीजे बंद करने के फैसले पर हनुमान सभाओं में रोष, उपायुक्त से मिली कमेटी

Sat, 20 Sep 2025 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
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माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। दशहरा और इसके बाद हनुमान स्वरूप की फेरी पर डीजे के प्रतिबंध के फैसले पर विरोध बढ़ता जा रहा है। हनुमान सभा के पदाधिकारियों का कहना है कि हनुमान मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के भक्त हैं। उनके शिष्य भी मर्यादा में रहते हैं। कुछ लोग भक्तों की भावनाओं को अनदेखा कर रहे हैं। इस संबंध में श्री सनातन धर्म रक्षा मंच के पदाधिकारी शुक्रवार को उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया से मिले। उन्होंने उनसे दशहरा पर्व पर ऊंची आवाज में डीजे और धर्म की आड़ में बजाए जाने वाले गानों रोक लगाने की मांग की। कमेटी ने कहा कि दशहरे के पर्व के दौरान डीजे वाले रात्रि तीन बजे तक बजाए जाते हैं। उपायुक्त ने कहा कि शीघ्र ही दशहरे पर चलने वाले डीजे व इसकी समय सीमा के लिए विचार किया जाएगा।
सनातन धर्म संगठन के प्रधान कृष्ण रेवड़ी ने कहा कि डीजे पर अश्लील गानाें के साथ सनातन धर्म की मर्यादा के खिलाफ हुड़दंगबाजी अधिक की जाती है। जिसके कारण धर्म की हानि हो रही है। इसमें मर्यादा का पालन करना प्रत्येक सनातनी का कर्तव्य है। दशहरा कमेटी सनौली रोड के प्रधान रमेश माटा ने कहा कि हम किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए नहीं है अपितु सनातन धर्म के प्रचारक के रूप में धर्म का प्रचार किस प्रकार से अधिक हो इसकी कामना करते हैं। सनातन धर्म मंदिर के प्रधान तरुण गांधी ने कहा कि डीजे बजाने और डोल बजाने की बजाय इसकी आड़ में अभद्र भाषा का प्रयोग करने का विरोध कर रहे हैं। तेज आवाज में बजाना, रोड को जाम रखना और मनचले लड़कों की टोलियां बनाकर डंडे सरिया लेकर चलना सनातन धर्म की मर्यादा के खिलाफ है। दशहरा पर्व के दौरान छह नोडल अधिकारी नियुक्ति करने की मांग की। इस मौके पर सनातन धर्म संगठन के चेयरमैन वेद शर्मा, डॉ. रमेश चुध, विकास गोयल, वेद पाराशर व युद्धवीर रेवड़ी मौजूद रहे।
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पांच हजार हनुमान सभा
समाजसेवी शशि कपूर ने बताया कि शहर में पांच हजार हनुमान सभा हैं। एक सभा के साथ कम से कम 50 सदस्य हैं। दशहरा पर नाच गाकर हनुमान जी को प्रसन्न करते हैं। इसमें डीजे पर प्रतिबंध लगाने वाली जैसी कोई बात नहीं होनी चाहिए। श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं और हनुमान रुद्र रूप में हैं। ऐसे में उनके भक्तों को दुख पहुंचाया जाना उचित नहीं है।


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