पानीपत। टेक्सटाइल नगरी के सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में रविवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। पानीपत से प्रदेश के नौ शहरों में इलेक्टि्क सिटी बस सर्विस शुरू करने के बाद यात्रियों को शहर में बेहतर सार्वजनिक परिवहन सेवा मिलने के साथ प्रदूषण से भी राहत मिलेगी। इसके साथ शहर और गांवों के यात्री एसी बसों में सफर कर सकेंगे। फिलहाल पांच बसों को नए बस स्टैंड से जीटी रोड टोल प्लाजा तक चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को पानीपत के सिवाह गांव स्थित नए बस स्टैंड से पांच सिटी बसों को रवाना किया।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सिवाह गांव में नए बस स्टैंड की पहले आधारशिला रखी फिर इसका उद्घाटन किया और आज इसी बस स्टैंड से शहर को इलेक्टि्क सिटी बस सर्विस दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पानीपत युद्धों के साथ कारपेट के लिए भी विश्व में पहचान बनाए हुए है। इसके साथ प्रदूषण के चलते भी पानीपत का नाम आता है। यह नकारात्मक रिपोर्ट किसी भी शहर के लिए उचित नहीं है।
आधुनिक बसों में यात्रियों को दिल्ली मेट्रो की तर्ज पर सुविधा दी गई हैं। सिवाह से टोल प्लाजा तक 14 और वापसी में 15 ठहराव बनाए गए हैं। बाकी बसों के आने के बाद शहर के 30 किलाेमीटर दायरे में चलाया जाएगा। इस हिसाब से जिले के अधिकतर गांवों में बस सेवा पहुंच जाएगी।
परिवहन विभाग के प्रधान सचिव नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आठ फरवरी 2022 को बजट भाषण में पानीपत समेत रोहतक, यमुनानगर और हिसार में बसों के माध्यम से संगठित और सुविधाजनक शहरी परिवहन सेवाएं शुरू करने की घोषणा की थी। इस सेवा में इलेक्ट्रिक बसों का बड़ा बेड़ा चार्जिंग के बुनियादी ढांचे के साथ करना था। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 2023 के बजट भाषण में प्रदेश के नौ शहरों में सिटी बस सेवा शुरू करने और गुरुग्राम, मानेसर और फरीदाबाद में मौजूदा सिटी बस सेवाओं को बढ़ाने की बात कही थी। इसके लिए 550 एसी इलेक्ट्रिक बसों की खरीद प्रकिया लगभग पूरी है। जिनमें से 175 मिनी बसें हैं। सिटी बस सेवा शहरी स्थानीय निकायों और परिवहन विभाग के साथ साझेदारी में एक विशेष प्रयोजन वाहन के माध्यम से प्रदान की जाएंगी।
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दो शिफ्टों में चलाई जाएंगी बसें
सिटी बस सर्विस सुबह पांच से रात 10 बजे तक चलेंंगी। इनको दो शिफ्टों में बांटा जाएगा। एलिवेटेड हाईवे से जाने वाली बसों को रात 10 से सुबह पांच बजे तक शहर के अंदर से जाना होगा। विदित है कि 18 जुलाई को बसों का संचालन सिवाह गांव स्थित नए बस स्टैंड से शुरू किया गया था। इसके बाद दिल्ली-चंडीगढ़ रूट की बस एलिवेटेड हाईवे से आने-जाने लगी। शहर में आने वाले यात्रियों को जीटी रोड टोल प्लाजा और सिवाह गांव स्थित नए बस स्टैंड पर उतार दिया जाता था। यहां से बसों व ऑटो का सहारा लेकर अपने गंतव्य को जाते थे। अब सिटी बस सर्विस चलने के बाद यात्रियों को राहत की सांस मिलेगी। हालांकि उनको नए बस स्टैंड से टोल प्लाजा तक 20 रुपये किराया देना पड़ेगा। पहले सिटी बस में 10 रुपये निर्धारित था।
इलेक्टि्क सिटी बस में यह रहेगा किराया
दूरी (किमी.) किराया (रुपये)
1 से 5 10
6 से 8 15
9 से 12 20
13 से 15 25
16 से 20 30
21 से 23 35
24 से 26 40
27 से 28 45
29 से 30 50
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10 साल में एक हजार टन सीओ-2 गैस और 420 हजार लीटर डीजल की बचत करेंगी
जेबीएम इकोलाइफ इलैक्ट्रिक बसें जीरो एमिशन व्हीकल (जेडईवी) यानि उत्सर्जन मुक्त वाहन हैं। इनका निर्माण जेबीएम ऑटो लिमिटेड द्वारा किया गया है। ये बसें अगले 10 वर्षों में संचालन के दौरान कार्बनडाईऑक्साइड उत्सर्जन में करीब एक हजार टन के समकक्ष और 420 हजार लीटर डीजल की बचत करेंगी। इन बसों में फास्ट चार्जिंग लीथियम आयन बैटरियसें का प्रयोग किया गया है। इसके साथ आधुनिक फीचर्स जैसे रियल टाइम पैसेंजर इंफॉरमेशन सिस्टम (पीआईएस), आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पैनिक बटन, ऑटोमेटिक बस व्हीकल लोकेशन सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, पब्लिक एड्रेस सिस्टम व स्टॉप रिक्वेस्ट बटन को जोड़ा गया है।
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इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकिंग सिस्टम
रियल टाइम पैसेंजर इंफॉरमेशन सिस्टम के चलते बस में सफर करने वाले यात्रियों को बसों की लोकेशन की जानकारी मिलती रहेगी। इसी तरह बसों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की मदद से बसों के भीतर की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। यात्री अपने आगामी बस स्टॉप पर बस को रोकने का ड्राइवर से अनुरोध करने के लिए स्टॉप बटन का इस्तेमाल कर सकते हैं। बस में व्हीकल हैल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम, फायर डिटेक्शन और अलार्म सिस्टम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी हैं।