हरियाणा के जिले कैथल के कलायत में प्रदेश में एक बार फिर से श्वेत क्रांति लाने के लिए डाक्टरों, विशेषज्ञों व पशुपालकों को सांझे तौर पर प्रयास करने होंगे। तभी हम प्रति व्यक्ति पशु दूध उत्पादन में वृद्धि कर गुजरात व पंजाब को टक्कर दे पाएंगे।
यह बात लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय हिसार की ओर से गांव बालू में आयोजित पशु ज्ञान मेले में यूनिवर्सिटी के कुलपति मेजर जरनल डॉ. श्रीकांत शर्मा ने कही।
उन्होंने कहा कि दुनिया में बहुत से देशों की अर्थव्यवस्थाएं केवल दूध व दूध उत्पादों पर ही फलफूल रही हैं, हमें उनका अनुसरण करना होगा। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में पशु चिकित्सा के लिए लैब बनाए जाने की घोषणा की। अभी तक केवल यह प्रदेश में सात जिला मुख्यालयों में ही है।
उन्होंने गांव बालू का पशुओं में नवीन शोध के लिए चयन किए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि गांव बालू में पशुपालकों को वे अत्याधुनिक तकनीकें उपलब्ध हो पाएंगी जो केवल विश्वविद्यालय स्तर पर ही उपलब्ध हैं।
कार्यक्रम के दौरान कुलपति ने हरियाणा की ब्लैक गोल्ड मानी जाने वाली भैंसों की मुर्राह नस्ल व गायों की साहीवाल व थारपारकर व करन प्रिस नस्लों को प्रमोट करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि ये नस्लें दूध के उत्पादन में सबसे अग्रणी हैं।
गांव बालू में पशु ज्ञान मेले में पशुओं के समुचित रख रखाव की जानकारी के साथ साथ पशुओं में सरनैल जैसी बीमारियों के मौके पर ऑपरेशन किए गए। मेला परिसर में विभिन्न कंपनियों की ओर से लगाए गए स्टालों से पशुपालकों ने कई जानकारियां जुटाईं।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. रवींद्र शर्मा, पशु वैज्ञानिक डॉ. दहिया, डॉ. राजेंद्र श्योकंद, डॉ. बलबीर सिंह श्योकंद, गेहूं अनुसंधान निदेशालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अनिल खिप्पल, डॉ. रमेश वर्र्मा ने भी संबंधित विषयों पर अपने वक्तव्य दिए।
कार्यक्रम में रणधीर सिंह जाजनपुर, सतनारायण जैलदार, प्रकाश, जसमेर, कृष्ण, जयवीर, सेवासिंह, वेदप्रकाश सहित कई ग्रामीणों ने वैज्ञानिकों से बहुपयोगी प्रश्न पूछ अपनी जिज्ञासा शांत की। कार्यक्रम में प्रश्नोतरी प्रतियोगिता में दस किसानों ने इनाम जीते।
आमलोगों तक तकनीक की पहुंच नहीं
कार्यक्रम में मौजूद प्रगतिशील किसान रणधीर सिंह जाजनपुर ने व्यवस्था पर क्षोभ व्यक्त करते हुए कहा कि बेहतर किस्म के पशुओं का फ्रोजन सीमन आम लोगों तक पहुंचता ही नही है। मंत्रियों का नाम लेकर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मंत्री लोग बेहतर किस्म के टीके अपने क्षेत्रों में ले जाते हैं।