सनौली। गांव सनौली में जन्माष्टमी पर बजरंग दल व सरपंच के बीच हुए विवाद पर रविवार को मंदिर में बैठक हुई। बजरंग दल के सदस्यों ने धार्मिक झंडा छीनने पर सरपंच से माफी की मांग की, लेकिन सरपंच ने माफी मांगने से इंकार कर दिया। सरपंच ने साफ किया कि उसने झंडा छीना नहीं बल्कि लिया था। दोनों पक्षों में फिलहाल समझौता हो गया है।
गांव सनौली खुर्द में जन्माष्टमी पर्व पर गांव के युवाओं द्वारा झांकी निकाली जा रही थी। इस संबंध में आरोप है कि झांकी गांव में विशेष समुदाय के क्षेत्र में पहुंची तो वहां पर बजरंग दल के कुछ सदस्य धार्मिक झंडा लेकर आ गए और धार्मिक नारे लगाने शुरू कर दिए। इस पर सरपंच ने झगडे़ के अंदेशे के चलते बजरंग दल के दो युवकों से झंडा ले लिया। बजरंग दल के सदस्यों ने सरपंच संजय त्यागी पर झंडा छीनने का आरोप लगाया और सन्नी ने सरपंच के खिलाफ सनौली खुर्द पुलिस थाना में शिकायत दे दी।
उधर रविवार को बजरंग दल के अध्यक्ष कर्ण सिंह के नेतृत्व में पानीपत व आसपास के बजरंग दल के अनेक सदस्यों की सनौली खुर्द के मंदिर में बैठक हुई और उसमें कहा गया कि सरपंच को बैठक में आकर माफी मांगनी होगी लेकिन सरपंच ने कहा कि बैठक में सिर्फ युवा है और बाहर के बहुत से युवक आए हुए है। इसलिए बाहर के लोगों के सामने माफी मांगने का कोई औचित्य ही नहीं है। उसके उपरांत बजरंग दल के कई अन्य सदस्यों ने सामूहिक रूप से सरपंच संजय त्यागी के खिलाफ सनौली खुर्द थाना में शिकायत दे दी। देर शाम को मामले में समझौता हो गया है।
इस संबंध में सनौली खुर्द गांव के सरपंच संजय त्यागी ने कहा कि उन्होंने झगड़े की आशंका के चलते बजरंग दल वालों से झंडा लिया था और झंडा छीना नहीं था। जबकि वे युवक जय श्री राम के नारे लगा रहे थे और इससे दो समुदाय के लोगों में झगडा हो सकता था।
इस बारे में सनौली खुर्द थाना के प्रभारी सुनील कुमार ने बताया कि दोनो पक्षों को सोमवार को पुलिस थाने में बुलाया गया है और दोनो पक्षों से पूछताछ करके ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।