पानीपत। ईद उल अजहा (बकरीद) पर समुदाय के लोगों नमाज अता कर अमन व चैन की दुआ मांगी। इसके साथ समुदाय के लोगों में दिनभर एक दूसरे को मुबारकबाद का सिलसिला चलता रहा। महिलाओं व बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। शहर की 12 समेत जिले की मस्जिद और दरगाह में शनिवार सुबह अलग-अलग समय में नमाज अता की। नमाज अता करने का समय लगभग सुबह सात से साढ़े सात बजे तक रहा। लोगों सुबह ही नए कपड़े पहनकर नजदीकी मस्जिदों में पहुंचने लगे थे। मुस्लिम समुदाय ने एकता व भाईचारे का संदेश दिया। ऊंच-नीच भूला एक-दूसरे को गले लगा ईद की मुबारकबाद दी। कलंदर दरगाह में मौलवी सूफी अबू हमजा ने बताया कि अल्लाह की राह में अपनी सबसे कीमती वस्तु का कुर्बान करना है। जो समय पड़ने पर हजरत इब्राहिम ने अपने पुत्र की बलि देने के लिए तैयार हो गए थे। इस दिन अगर कुर्बान करना है तो अपने अहम और लालच को करें। दूसरों के प्रति समर्पण की भावना रख एक दूसरे की मदद कर सभी का सम्मान करें। इससे अल्लाह की रहमत प्राप्त होती है। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे के गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।
घरों में विशेष उत्साह दिखा
ईद उल अजहा पर लोगों के घरों में विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों ने परिवार और रिश्तेदारों के साथ पकवान बनाए। इसके साथ एक-दूसरे के सुख-दुखर को साझा किया। इसके साथ बच्चाें व महिलाओं ने आसपास के मेलों व बाजार में खूब खरीदारी की।