पानीपत। विधानसभा चुनाव को लेकर टिकट को लेकर भाजपा के साथ कांग्रेस में भी कलह छिड़ गया है। समालखा विधानसभा में विधायक धर्म सिंह छौक्कर का टिकट पक्का होने के बाद पूर्व विधायक भरत सिंह छौक्कर विमुख हो गए हैं। उन्होंने जल्द ही फैसला लेने की बात कही है। कांग्रेस में पानीपत शहरी और ग्रामीण विधानसभा के टिकट अभी जारी नहीं किए हैं। शहर से अधिक ग्रामीण विधानसभा में विरोध की चिंता सता रही है।
वहीं भाजपा में पानीपत शहरी, इसराना और समालखा में लगातार प्रतिरोध बना हुआ है। शहर से लोकेश नांगरू ने निर्दलीय मैदान में उतरने का मन बना लिया है। वे सोमवार को इसका फैसला लेंगे। वहीं समालखा से दो बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके शशिकांत कौशिक ने अपने पैतृक गांव चुलकाना के लोगों पर फैसला छोड़ा है। वे 11 सितंबर को फैसला लेंगे। इन सबके बीच इसराना में एचएसएससी के पूर्व सदस्य सत्यवान शेरा और उनकी पत्नी जिला परिषद की पूर्व चेयरपर्सन आशु शेरा ने समर्थकों के साथ बैठक की और पार्टी नेतृत्व को सोमवार सुबह 11 बजे तक का समय दिया है। उन्होंने इसके बाद फैसला लेने की बात कही है। इन सबके बीच केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल 10 सितंबर को पानीपत शहरी विधानसभा से विधायक प्रमोद विज का नामांकन दाखिल कराएंगे।
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नांगरू लगातार कर रहे रायशुमारी
पूर्व पार्षद लोकेश नांगरू टिकट न मिलने के बाद अपने समर्थकों के साथ लगातार रायशुमारी कर रहे हैं। समर्थक उनको अपने घर पर बुलाने के साथ अलग से बैठक भी कर रहे हैं। लोकेश नांगरू ने बताया कि हर कोई उनको शहर से निर्दलीय मैदान में उतरने का दबाव बना रहा है। वह समर्थकों को नाराज करने की स्थिति में नहीं हैं। वह पार्टी में रहकर ही चुनाव लड़ने की सोच रहे हैं। एक जानकार ने बताया कि नांगरू का नामांकन पत्र तैयार है। वे अगले एक या दो दिन में अपना नामांकन दाखिल कर देंगे। पूर्व सांसद संजय भाटिया के मनाने के बाद भी अपना फैसला वापस न लेने पर अब संघ व संगठन के बड़े नेताओं ने उनसे संपर्क किया है।
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सत्यवान शेरा बोले 2009 में पंवार ने एक मौका मांगा था
भाजपा नेता सत्यवान शेरा ने कहा कि वह लंबे समय से भाजपा में काम कर रहे हैं। उन्होंने 2009 में विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी पूरी कर ली थी। कृष्णलाल पंवार ने इनेलो से टिकट कटने के बाद उनसे मुलाकात की थी और एक विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कही थी। वे उनका सम्मान करते हुए पीछे हट गए थे। उनका 2014 में फिर टिकट काट दिया। वे 2016 में जिला परिषद के चुनाव में वार्ड एक से उतरे तो यहां भी अपनी पत्नी का नामांकन करा दिया। जिला परिषद के अध्यक्ष बनने के बाद भी उनके खिलाफ तीन बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया। 2019 में उनका फिर टिकट काट दिया। वे 2024 के चुनाव को लेकर तैयारी कर रहे थे, लेकिन उनका इस बार भी टिकट काट दिया गया। सत्यवान ने बताया कि वे सोमवार सुबह 11 बजे अपने चुनाव लड़ने का फैसला करेंगे।