पानीपत। किशोरावस्था में लड़कियों में मुंहासे की समस्या बढ़ गई है। जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन करीब पांच मरीज चेहरे पर मुंहासे की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। पहले दो या तीन मरीज ही आ पाते थे। चर्म रोग विशेषज्ञ उनको खाने में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं और शुरुआती लक्षणों में ही चिकित्सक से जांच के लिए परामर्श दे रहे हैं।
समय के साथ लोगों का खाना भी बदल रहा है। लोग बाहर का तेलीय खाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। चॉकलेट का सेवन बढ़ गया है जिससे दांतों के साथ हार्मोन पर भी इसका असर पड़ता है जो किशोरों में मुंहासे की समस्या को बढ़ा रहा है। किशोरावस्था में हार्मोन बदलने और कुछ खानपान बदलने के कारण मुंहासे आज के समय में 90 प्रतिशत किशोरों को हो रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ की प्रतिदिन 200 की ओपीडी में करीब पांच मरीज मुंहासे की समस्या वाले पहुंच रहे हैं।
चिकित्सक उन्हें खाने के साथ साफ-सफाई का ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं। चिकित्सकों का मानना है कि यह पीढ़ी दर पीढ़ी भी हो सकता है। आज के समय में लोगों का खानपान उन्हें बीमारियों की तरफ धकेल रहा है। लोगों को अपने खाने का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
कारण-
- हार्मोन बदलने के कारण
- पीसीओडी की समस्या
- ज्यादा चॉकलेट या तेलीय खाना खाने से
- पीढ़ी दर पीढ़ी भी हो सकती है
उपाय-
- चेहरे को दिन में सुबह-शाम सिर्फ दो बार ही धोएं
- शुरुआत में ही छोटे-छोटे मुंहासे होते ही चिकित्सक से जांच कराएं
- बाहर का तला हुआ खाना और चॉकलेट कम खाएं
- पीसीओडी का चिकित्सकीय इलाज पूरा लें
समय के साथ लोगों का खानपान बदल रहा है। बच्चे ज्यादातर बाहर का खाना पसंद कर रहे हैं जो सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। घर का खाना और हरी सब्जियां खाएं। चॉकलेट व पैकेट के खाने से परहेज करें।
- डॉ. राघवेंद्र, मेडिकल ऑफिसर, चर्म रोग, जिला नागरिक अस्पताल।
जांच करते चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. राघवेंद्र। संवाद- फोटो : Samvad