पानीपत। सीआईए-वन ने गंगापुरी रोड पर महिला पर रॉड से हमला कर लूटपाट करने के मामले में 20 साल से फरार चल रहे आरोपी को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने 1999 में वारदात को अंजाम दिया था। गिरफ्तार होने के बाद आरोपी 2003 में जमानत पर आया था, इसके बाद से ही वो फरार चल रहा था। उसके तीन साथियों को कोर्ट ने आठ साल की सजा सुनाई थी। अब मामले के भगोड़े आरोपी को सीआईए वन ने गिरफ्तार लिया है। आरोपी को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
सीआईए वन प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि उनकी टीम ने कानपुर से प्रमोद उर्फ बबलू निवासी लखनऊ को गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रमोद पुलिस से छुपकर कानपुर में रह रहा था। उसको गुप्त सूचना पर पकड़ा गया है। प्रमोद 1999 में पानीपत के सनौली रोड पर पान का खोखा चलाता था। वो गंगापुरी रोड पर किराए पर रहा था। यहीं पर पड़ोस में राकेश रहता था। सात जनवरी 1999 को प्रमोद के दोस्त मुन्ना, दिनेश व कंवर सिंह दिल्ली से मिलने राकेश के पास आए थे। यहां चारों ने पड़ोस में राकेश के घर पर लूटपाट की साजिश रची थी।
आठ जनवरी 1999 को प्रमोद, मुन्ना, दिनेश व कंवर सिंह राकेश के घर घुसकर चोरी का प्रयास किया। राकेश की पत्नी उमा अपने कमरे में सो रही थी। दूसरे कमरे से आवाज सुनने के बाद उसकी आंख खुल गई थी। उमा ने प्रमोद व उसके दोस्तों को देखकर शोर मचाया तो प्रमोद ने उमा के सिर पर रॉड से हमला कर दिया था। प्रमोद के दोस्तों ने उमा के कानों से सोने की बाली, गले से हार व अंगूठी लूट ली थी। आरोपियों ने उमा पर पेंचकश से भी हमला किया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपियों पर केस दर्ज कर एक सप्ताह में गिरफ्तार कर लिया था। 2003 में प्रमोद जमानत पर बाहर आया था। वो इसके बाद से ही फरार चल रहा था। अदालत ने मुन्ना, दिनेश व कंवर सिंह को आठ आठ साल की सजा सुनाई थी। सीआईए वन ने गुप्त सूचना पर कानपुर से अब प्रमोद को गिरफ्तार किया है।